पिछले 24 घंटे में इंटरनेट पर लगातार लोग पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बारे में सर्च कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीयों से अपील कर दी है कि युद्ध के हालात में वो सोना खरीदने से बचें, फ्यूल (पेट्रोल, डीजल) का कम इस्तेमाल करें। घर से काम करने यानी WFH के मॉडल पर काम करें और ऐसे ही 7 अलग-अलग अपील की गई हैं। इसके बाद लोग खासकर ईंधन यानी LPG, पेट्रोल और डीजल की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं।
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर टेंशन की वजह से ग्लोबल लेबल पर एनर्जी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ऐसे में पीएम मोदी की इस अपील पर अलग-अलग किस्म के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। लोग आशंका जता रहे हैं कि देश में खासकर फ्यूल की क्या स्थिति है। इस बीच बीच भारत सरकार ने देशवासियों के लिए एक राहत भरा अपडेट जारी किया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी प्रकार की किल्लत की खबरें निराधार हैं। आपको बता दें कि सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत का कच्चा तेल भंडार स्थिर है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
किल्लत की कोई बात नहीं, भंडार पर्याप्त है
मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विपणन और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि वैश्विक व्यवधानों के बावजूद सरकार ने ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश की रिफाइनरियां अपने ऑप्टिमम लेबल पर काम कर रही हैं। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी वितरक के पास स्टॉक खत्म होने की कोई सूचना नहीं मिली है। LPG की स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 1.26 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.14 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सफलतापूर्वक की गई है।
संयुक्त सचिव ने आपूर्ति की स्थिति को आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया। पिछले तीन दिनों में 17000 टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। ऑटो एलपीजी की बिक्री भी 762 टन के आंकड़े को पार कर गई है। इसी दौरान 1.40 लाख से अधिक (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं।
क्या हैं प्रधानमंत्री मोदी की वो सात अपीलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नागरिकों से सात विशेष आग्रह किए थे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन अपीलों को दोहराते हुए नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण में सहयोग मांगा है।
पीएम मोदी की मुख्य अपीलें
आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत उर्वरकों और ईंधन के आयात पर विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा खर्च करता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और नागरिकों से सोने की खरीद में संयम बरतने का भी आग्रह किया है, ताकि देश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके।