Heavy Rain Alert: आसमान से बरसेगी आफत...अगले 24 घंटे बेहद अहम, रोकी गई चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा

Heavy Rain Alert : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "हमारे कुछ जिले रेड अलर्ट पर हैं और कुछ ऑरेंज अलर्ट पर। अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम हैं और सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सभी विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

अपडेटेड Sep 01, 2025 पर 2:47 PM
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उत्तर भारत के कई राज्य इन दिनों लगातार बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे हैं।

Heavy Rain Alert उत्तर भारत के कई राज्य इन दिनों लगातार बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग का कहना है कि पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति और बिगड़ सकती है। वहीं बिगड़ते मौसम के बीच चार धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है।

चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर रोक

उत्तराखंड मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए चार धाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है। बता दें कि इस की जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सचिव विनय शंकर पांडे और गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने दी। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घर बारिश से प्रभावित हुए हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

अगले 24 घंटे बेहद अहम 

जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "हमारे कुछ जिले रेड अलर्ट पर हैं और कुछ ऑरेंज अलर्ट पर। अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम हैं और सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सभी विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं। हम नानक सागर बांध पर भी नजर रखे हुए हैं, जो फिलहाल खतरे के निशान से 5 फीट नीचे बह रहा है।" अल्मोड़ा, नैनीताल, उधम सिंह नगर और चंपावत में रेड अलर्ट जारी है, जबकि बाकी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।


हिमाचल में भारी तबाही

हिमाचल प्रदेश में चंबा और शिमला समेत कई इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का असर दिखा है। चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। खराब मौसम के चलते यात्रा को बीच में ही रोकना पड़ा, जिसकी वजह से 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। हिमाचल प्रदेश में मानसून शुरू होने के बाद से अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बारिश ने राज्य में कई प्राकृतिक आपदाएँ पैदा की हैं। सोमवार को हालात और बिगड़ गए, जब चंबा में 16 लोगों की मौत हुई और शिमला में भूस्खलन से एक घर दबने पर तीन लोगों की जान चली गई।

800 से ज्यादा सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। तीन नेशनल हाईवे समेत 819 सड़कें बंद हैं, जबकि 1,236 बिजली ट्रांसफार्मर और 424 पानी की योजनाएँ प्रभावित हुई हैं। एएनआई के मुताबिक, चंबा में 253, मंडी में 206, कुल्लू में 175 और कांगड़ा में 61 सड़कें ठप पड़ी हैं। आने वाले दिनों में राहत और बचाव कार्य और मुश्किल हो सकते हैं क्योंकि ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर सहित कई जिलों में अगले तीन दिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

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