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3-स्टार होटल से महंगा नहीं होगा अस्पताल का कमरा! जानिए संसदीय समिति ने क्या क्या सिफारिशें की

संसदीय समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि देश के महानगरों में मौजूद कई प्राइवेट अस्पताल हॉस्पिटल स्टे के नाम पर भारी-भरकम पैसा वसूलते हैं। इससे इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए समिति ने सिफारिश की है कि किसी अस्पताल के कमरे का किराया उसके आसपास या नजदीकी इलाके में स्थित 3-स्टार होटलों के औसतन कमरे के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 11:27 AM
3-स्टार होटल से महंगा नहीं होगा अस्पताल का कमरा! जानिए संसदीय समिति ने क्या क्या सिफारिशें की
आम जनता की पहुंच में बनाने के उद्देश्य से संसद की समिति ने बड़ी और महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की हैं।

देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और आम जनता की पहुंच में बनाने के उद्देश्य से संसद की समिति ने बड़ी और महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की हैं। संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने निजी अस्पतालों में बढ़ते इलाज के खर्चों पर लगाम लगाने के लिए ये सिफारिशें पेश की हैं। समिति की सबसे प्रमुख सिफारिशों में से एक यह है कि किसी भी अस्पताल के बेसिक रूम का किराया उसी इलाके के 3-स्टार होटल के औसत कमरे के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से जुड़ी इस स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की सामर्थ्य और पहुंच को 7 अगस्त को राज्यसभा में प्रस्तुत किया और लोकसभा के पटल पर भी रखा।

3-स्टार होटल के किराए से तय होगी बेसिक रूम की ऊपरी सीमा

संसदीय समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि देश के महानगरों में मौजूद कई प्राइवेट अस्पताल हॉस्पिटल स्टे के नाम पर भारी-भरकम पैसा वसूलते हैं। इससे इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए समिति ने सिफारिश की है कि किसी अस्पताल के कमरे का किराया उसके आसपास या नजदीकी इलाके में स्थित 3-स्टार होटलों के औसतन कमरे के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए।

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