घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। घर खरीदने के लिए लोग लंबे समय से पैसे बचाते हैं और अपने बजट की तैयारी करते हैं। वहीं अगर आप घर खरीदने की योजना कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है। भारत के बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी घरों की कीमतों और प्रॉपर्टी की मांग में तेजी से बढ़ रही है। इस बात का खुलासा हाल ही में आई सीआईआई और नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 11 छोटे शहर आने वाले समय में रियल एस्टेट ग्रोथ के बड़े केंद्र बन सकते हैं। इनमें घरों की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से
11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में हुई वृद्धि
शुक्रवार को उद्योग संगठन सीआईआई और प्रॉपर्टी सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने ‘इंडियाज नेक्स्ट रियल एस्टेट मार्केट्स’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से अब तक 11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में औसतन 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में देश के 11 ऐसे शहरों की पहचान की गई है, जहां आने वाले समय में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से बढ़ने की संभावना बताई गई है। इन शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राईसिटी, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर शामिल हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आठ बड़े रियल एस्टेट बाजारों के मुकाबले ज्यादा रही है।
2016 से 2026 में हुई इतनी वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत हर साल करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। वहीं, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे देश के 8 बड़े शहरों में घरों की कीमतों में सालाना औसत बढ़ोतरी करीब 4 प्रतिशत रही। कंसल्टेंट ने कहा, "ये शहर भारत के टॉप आठ शहरों की तुलना में तेजी से रेजिडेंशियल प्राइस ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कंजम्पशन में ग्रोथ के सपोर्ट से उनके इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के मजबूत होने की वजह से मोमेंटम में बढ़ोतरी का संकेत है।"
नाइट फ्रैंक के मुताबिक, पिछले पांच सालों में इन 11 शहरों और देश के 8 बड़े रियल एस्टेट बाजारों के बीच घरों की कीमतों में बढ़ोतरी का अंतर और बढ़ा है। 2021 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि 8 बड़े शहरों में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत करीब 4,500 रुपये से 13,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है।
भारत में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट
नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि 'भारत में रियल एस्टेट का विकास अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों, आसपास के नए इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे कॉरिडोर में भी निवेश के मौके बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर विकास सिर्फ नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनने से नहीं होगा, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी को लगातार आर्थिक गतिविधियों में बदलना भी जरूरी होगा।'
उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में रोजगार, कारोबार, बढ़ती आबादी, लोगों की बढ़ती जरूरतें और बेहतर शहरी सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं, वहां रियल एस्टेट बाजार के ज्यादा मजबूत होने की संभावना है। ऐसे शहरों में प्रॉपर्टी के बाजार में अलग-अलग तरह के विकल्प और ज्यादा विकास देखने को मिल सकता है।