IMD Heavy Rain Alert: इन 22 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ प्रचंड बारिश का अलर्ट, 100kmph रफ्तार से बवंडर! 4 जून तक मौसम रहेगा ऐसा
Heavy Rain Alert: मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइनों के सक्रिय होने के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा
IMD Heavy Rain Alert: इन 22 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ प्रचंड बारिश का अलर्ट, 100kmph रफ्तार से बवंडर! 4 जून तक मौसम रहेगा ऐसा
भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल परिस्थितियों में है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम मौसम बुलेटिन में देश के 22 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले थंडरस्क्वाल (प्रचंड तूफान) और बवंडर आने की आशंका है। देश के मौसम की ऐसी स्थिति 4 जून तक बनी रहने वाली है।
आइए जानते हैं मौसम विभाग के इस विस्तृत बुलेटिन के अनुसार आपके राज्य में 4 जून तक मौसम कैसा रहने वाला है।
मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइनों के सक्रिय होने के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा।
1. उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि और तूफान
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 29 और 30 मई को भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी। 29 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80-90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले प्रचंड थंडरस्क्वाल (तूफान) की चेतावनी है। 30 मई को भी 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान आ सकता है। 29 मई को उत्तराखंड के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 29 व 30 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 29 मई को उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है। इसके बाद 31 मई को उत्तर प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी
इसी तरह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29 मई को 70-80 किमी/घंटा और 30 मई को 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 29 और 30 मई को इन सभी इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है। राजस्थान में 29 और 30 मई को 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आने की संभावना है। साथ ही 29 और 30 मई को राज्य में ओलावृष्टि भी हो सकती है। पूरे राज्य में 29 मई से 2 जून के दौरान अलग-अलग समय पर धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। 31 मई से 2 जून के दौरान राजस्थान में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में 29 व 30 मई को और जम्मू-कश्मीर व उत्तराखंड में 30 मई को आंधी-बिजली के साथ बारिश होगी। 29 मई को जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान चल सकता है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में 29 मई को ओलावृष्टि का अलर्ट है।
2. पूर्वी भारत: बिहार में 100kmph का बवंडर और अत्यधिक भारी बारिश
पूर्वी राज्यों में मानसून से पहले की गतिविधियों के कारण मौसम काफी आक्रामक रहने वाला है। बिहार के लिए 29 मई का दिन बेहद संवेदनशील है। यहां 29 मई को 80-90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले और 100 किमी/घंटा तक की गति छूने वाले अत्यंत प्रचंड थंडरस्क्वाल (बवंडर) की चेतावनी है। 29 मई को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि और अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। 30 मई को भी बिहार में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान और भारी बारिश हो सकती है, जबकि 31 मई से 1 जून के बीच यहां आंधी-पानी का दौर जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों 29 मई को 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आ सकता है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 मई तथा 2 से 4 जून के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा में 29 और 30 मई को 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान चलने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 29 मई को भारी बारिश और 29-30 मई को 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान आ सकता है। दोनों राज्यों में 31 मई से 4 जून तक आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
3. मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ओले और बारिश
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 29 से 31 मई के दौरान 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तूफान) चलने की संभावना है। इसके अलावा 29 और 30 मई को दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 मई, 31 मई और 1 जून को भारी बारिश का भी अलर्ट है। विदर्भ में 29 मई से 1 जून के दौरान 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान और 30 व 31 मई को ओलावृष्टि की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 31 मई से 2 जून के बीच भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पूरे गुजरात राज्य में 30 मई से 4 जून तक आंधी-तूफान का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 31 मई से 4 जून, मध्य महाराष्ट्र में 30 मई से 3 जून और मराठवाड़ा में 31 मई से 3 जून के दौरान आंधी-बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।
4. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलासीमा में 29 से 31 मई के दौरान 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले और 70 किमी/घंटा की गति तक पहुंचने वाले थंडरस्क्वाल की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही 29 से 31 मई के बीच तटीय आंध्र प्रदेश में और 29-30 मई को रायलासीमा में भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 29 मई को और इसके बाद 31 मई से 4 जून के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। लक्षद्वीप में भी 31 मई से 4 जून के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 29 मई से 1 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 29 मई को भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 29 मई से 2 जून के बीच आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
5. उत्तर-पूर्व भारत: जून की शुरुआत से बरसेगी आफत
उत्तर-पूर्व के राज्यों में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश में 1 जून से 4 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 2 जून से 4 जून के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 मई से 3 जून के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
कहीं मिलेगी राहत, तो कहीं बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलावों का संकेत दिया है। उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 30 मई तक अधिकतम तापमान में 5-7°C की क्रमिक गिरावट आएगी, जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद 31 मई से 4 जून के बीच तापमान में फिर से 5-7°C की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मध्य भारत में 29 मई तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन 30 मई से 4 जून के बीच तापमान में 3-5°C की गिरावट दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र में भी 31 मई से 4 जून के बीच तापमान 2-3°C तक गिर सकता है। गुजरात राज्य में 4 जून तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी।
हीटवेव की चेतावनी
राहत के बीच कुछ इलाकों में अभी भी लू का प्रकोप रहेगा। 29 मई को विदर्भ, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 और 30 मई को लू चलने की संभावना है जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 29 मई को गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा।
मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी: समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।
बंगाल की खाड़ी: मछुआरों को 29 मई से 3 जून के दौरान मन्नार की खाड़ी, तमिलनाडु और श्रीलंका के तटों, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में न जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा 29 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उत्तरी तटों पर भी जाने से मना किया गया है।
अरब सागर: 29 से 31 मई के दौरान उत्तरी गुजरात तट और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में तथा 2 जून को ओमान तट के पास मछुआरों को न जाने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 29 मई से 3 जून के बीच सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी जाने पर रोक रहेगी।