IMD Second Update On Monsoon: मानसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग ने बताई ये 5 बड़ी बातें, जून महीने को लेकर क्या चेतावनी दी?

IMD Update On South West Monsoon: मानसून की प्रगति की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर चुका है, जो अपनी सामान्य तारीख से चार दिन आगे था। अगले सात दिनों के भीतर इसके केरल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं

अपडेटेड May 29, 2026 पर 2:29 PM
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इस साल जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है

IMD Monsoon Update: देश में चिलचिलाती गर्मी और मानसून के इंतजार के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन को लेकर अपनी दूसरी स्टेज का लॉन्ग-रेंज अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के कई प्रमुख हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है और साथ ही जून के महीने में कई राज्यों के लिए भीषण हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की है।

मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मानसून और जून महीने को लेकर कई बड़ी बातें शेयर की हैं। आइए जानते हैं मौसम विभाग के इस ताजा अपडेट और चेतावनियों के बारे में...

मौसम विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए दूसरे पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है। इससे खेती-किसानी और तापमान पर असर पड़ने की संभावना है।


मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में मुख्य रूप से ये 5 बड़ी बातें बताई हैं:

1. देश में कुल 90% होगी मानसून की बारिश

आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जून से सितंबर के दौरान पूरे देश में लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की 90 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर मार्जिन शामिल है। बता दें कि साल 1971 से 2020 के डेटा के आधार पर पूरे देश के लिए मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेंटीमीटर है। मौसम विभाग के नियमों के मुताबिक, अगर पूरे मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा 90 फीसदी से कम रहता है, तो उसे कमी कैटिगरी में रखा जाता है। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी पूर्वानुमान में आईएमडी ने 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था।

2. जून के महीने में कम बारिश और भीषण गर्मी की चेतावनी

जून महीने के आउटलुक पर बात करते हुए आईएमडी ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में जून के दौरान औसत बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही जून में देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। सिर्फ मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी देश में भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा।

3. इन राज्यों में सामान्य से अधिक दिनों तक चलेगी हीटवेव

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जून के महीने में देश के कई राज्यों में सामान्य से अधिक दिनों तक हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन होंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों में भी हीटवेव की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जाएगी। राजस्थान और झारखंड में जून के दौरान सामान्य से कम दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है।

4. जानिए आपके क्षेत्र में कैसा रहेगा मानसून (क्षेत्रीय अनुमान)

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए बारिश का क्षेत्रीय अनुमान भी जारी किया है।

उत्तर-पूर्वी भारत: इस क्षेत्र में मानसून के दौरान सामान्य बारिश होने की उम्मीद है। ये एलपीए (LPA) के 94 से 106 प्रतिशत के बीच रह सकती है।

मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत: मध्य भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में इस सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

मानसून कोर जोन: देश के अधिकांश वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों को मिलाकर बनने वाले मानसून कोर जोन में भी मौसमी बारिश सामान्य से कम (LPA के 94 फीसदी से कम) रहने की प्रबल संभावना है।

5. अल नीनो का बढ़ता खतरा और केरल में मानसून की एंट्री

समुद्र की स्थिति पर जानकारी देते हुए महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान में न्यूट्रल ईएनएसओ (ENSO) स्थितियां अल नीनो की तरफ बढ़ रही हैं। जून में अल नीनो की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है, लेकिन सितंबर तक यह मध्यम से मजबूत हो सकती है। जून तक इसके अल नीनो में बदलने की संभावना 82 प्रतिशत है, जो जुलाई और अगस्त तक बढ़कर 90 प्रतिशत को पार कर जाएगी। आमतौर पर अल नीनो के उभरने से देश में मानसून की बारिश कम होती है।

मानसून की प्रगति की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर चुका है, जो अपनी सामान्य तारीख से चार दिन आगे था। इसके बाद यह दक्षिण अरब सागर और लक्षद्वीप तक पहुंच चुका है और अगले सात दिनों के भीतर इसके केरल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून के आसपास आता है.

उत्तर-पश्चिम भारत के लिए तात्कालिक राहत का अनुमान

इस बीच ईएमडी ने गुरुवार को एक अन्य पूर्वानुमान में बताया था कि वेस्टर्न डिस्टरर्बेंस और पूर्वी हवाओं के असर की वजह से अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें, तेज हवाएं और ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है।

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