भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। देश के उत्तरी, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बेहद सक्रिय नजर आ रही हैं। मौसम विभाग ने 21 अगस्त के लिए एक ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के 20 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही कई तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा।
इन राज्यों में होगी भारी से अति भारी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा देश के उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख राज्यों में भी बारिश का व्यापक असर दिखेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है।
पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों का हाल
पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश का दौर तेज रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी बादलों का जमावड़ा रहेगा और मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
तेज आंधी, बवंडर और बिजली गिरने का मंडराया खतरा
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बवंडर जैसी हवाएं चलने की आशंका है।
दूसरी ओर बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में बिजली गिरने और गरज-चमक का बड़ा खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ इलाकों में सतह पर बहुत तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तूफानी हवाएं
समुद्री इलाकों में भी मौसम काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर के अधिकांश पश्चिमी-मध्य हिस्सों, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के दक्षिणी तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं उठेंगी, जिसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी है।