IMD Weather Update: पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर अत्यधिक सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तरी मध्य प्रदेश में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के 15 से अधिक राज्यों में झमाझम बारिश और गरज-चमक के साथ मूसलाधार स्थिति बनने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी (12-20 सेमी) बारिश दर्ज की गई है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और असम में भारी (7-11 सेमी) बारिश देखने को मिली है।
मध्य प्रदेश और मध्य भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति
मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यंत मूसलाधार बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। 3 से 5 सितंबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 3 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 3 से 7 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश
उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ लाइन और ऊपरी हवा के साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है जबकि 4 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर और फिर 6 से 8 सितंबर के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश और अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 3 से 9 सितंबर तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी राजस्थान में 3 से 5 सितंबर के दौरान तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम
पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 3 से 8 सितंबर तक जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 3 से 5 सितंबर और 8 से 9 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। बिहार में 3 से 6 सितंबर और 8-9 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। झारखंड में 5 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 3 सितंबर को भीषण बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 से 9 सितंबर के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल
पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 3 से 9 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात और सौराष्ट्र व कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत में प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां थोड़ी कम रहेंगी। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 3 सितंबर को अच्छी बारिश हो सकती है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 3 से 5 सितंबर के दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और मजबूत सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।