करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर लग गई है। वहीं इस एग्रीमेंट के दौरान ही भारत और यूरोपीय संघ ने पिछले साल पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। बता दें कि, 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।
भारत-ईयू के संयुक्त बयान के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के हर रूप की साफ और कड़ी निंदा की। इसमें सीमा पार आतंकवाद को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होकर ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
दोनों देशों ने मिलकर जारी किया ये बयान
संयुक्त बयान में कहा गया कि सभी पक्ष कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके तहत आतंकवाद की फंडिंग रोकने, मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नियमों को मजबूत करने, नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल को रोकने और आतंकवादी भर्ती पर लगाम लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। बयान में पिछले साल हुई दो बड़ी आतंकी घटनाओं का भी ज़िक्र किया गया। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किला के पास हुए हमले में 12 नागरिकों की जान चली गई थी। दोनों पक्षों ने साफ कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट और ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।