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गल्फ देशों के साथ व्यापार समझौते में 'सोना' शामिल नहीं करेगा भारत, घरेलू बाजार को बचाने की तैयारी

India FTA with GCC: भारत और GCC के बीच व्यापार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्त वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार $179 बिलियन तक पहुंच गया। भारत खाड़ी देशों को खाद्य उत्पाद, टेक्सटाइल, ज्वेलरी और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात करता है। बदले में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी के लिए इन देशों पर निर्भर है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 4:31 PM
गल्फ देशों के साथ व्यापार समझौते में 'सोना' शामिल नहीं करेगा भारत, घरेलू बाजार को बचाने की तैयारी
भारत ने यह सावधानी UAE के साथ हुए व्यापार समझौते के नतीजों को देखते हुए बरती है

FTA With GCC: भारत और खाड़ी देशों के समूह (GCC) के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत इस समझौते में सोने पर कोई भी टैक्स छूट या रियायत देने के मूड में नहीं है। सरकार का यह फैसला घरेलू बाजार में सोने के बढ़ते आयात और स्थानीय कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ओमान की तर्ज पर सुरक्षित रहेगा गोल्ड

हाल ही में 18 दिसंबर को मस्कट में ओमान के साथ हुए समझौते में भी भारत ने सोने और चांदी की ईंटों (Bullion) को रियायती लिस्ट से बाहर रखा था। सरकारी सूत्रों का कहना है कि चूंकि हमने ओमान के साथ समझौते में सोने को शामिल नहीं किया, इसलिए यह बेहद मुश्किल है कि हम पूरे खाड़ी सहयोग परिषद के साथ इसे शामिल करें। बता दें कि GCC में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे छह ताकतवर देश शामिल हैं।

UAE समझौते से मिला कड़वा अनुभव

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