Get App

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में क्या है भारत का रुख? विदेश मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “यह संयुक्त राष्ट्र में आम तौर पर होने वाली बातचीत की तरह तैयार किया गया दस्तावेज नहीं था। इस मुद्दे पर भारत का रुख पहले ही भारत-अरब लीग ज्वाइंट स्टेटमेंट में स्पष्ट किया जा चुका है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Feb 20, 2026 पर 7:00 PM
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में क्या है भारत का रुख?  विदेश मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी
रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में भारत के रुख तो लेकर भी बड़ी जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक साथ कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की स्थिति स्पष्ट की। वहीं इस प्रेस कॉफ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में भारत के रुख तो लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने जानकारी दी कि, भारत ने वॉशिंगटन डीसी में हुई बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने गाजा पीस प्लान का स्वागत किया है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रपं की तरफ से पेश किया गया था। विदेश मंत्रालय ने ये भी जानकारी दी कि, 'भारत... संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत चल रही प्रयासों का समर्थन करता है।'

विदेश मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट

वेस्ट बैंक में इजरायल के “एकतरफा” कदमों की आलोचना करने वाले संयुक्त बयान पर भारत समेत करीब 100 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। इसपर  विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ किया कि, यह कोई औपचारिक रूप से बातचीत करके तैयार किया गया दस्तावेज नहीं था। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “यह संयुक्त राष्ट्र में आम तौर पर होने वाली बातचीत की तरह तैयार किया गया दस्तावेज नहीं था। इस मुद्दे पर भारत का रुख पहले ही भारत-अरब लीग ज्वाइंट स्टेटमेंट में स्पष्ट किया जा चुका है।” उन्होंने पिछले महीने हुई भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक का भी जिक्र किया। उस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिस्तीनी लोगों के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया था। साथ ही, गाजा शांति योजना समेत चल रहे शांति प्रयासों का स्वागत भी किया था। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस मुद्दे पर भारत का रुख पहले से स्पष्ट है और वही रुख संबंधित मंचों पर रखा गया है।

भारत और अरब देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष मध्य पूर्व में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह शांति अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के जरूरी प्रस्तावों और अरब शांति पहल के आधार पर होनी चाहिए। बयान में 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और सक्षम फिलिस्तीन देश की मांग दोहराई गई, जो इजरायल के साथ शांति से रह सके। साथ ही, फिलिस्तीनी लोगों के उन अधिकारों का समर्थन किया गया जिन्हें छीना नहीं जा सकता। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि भारत ने इस पहल से खुद को जोड़ते समय बयान में उठाई गई चिंताओं को ध्यान में रखा है। भारत का रुख वही है, जो पहले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर व्यक्त किया जा चुका है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें