S. Jaishankar: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमले में एक ऑयल टैंकर पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और अमेरिका के सामने कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने शुक्रवार शाम अपने अमेरिकी समकक्ष रुबियो से बात करते हुए कहा, "कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ऐसी जानलेवा कार्रवाई उचित नहीं"।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,"आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के उन हमलों पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। कमर्शियल शिपिंग के खिलाफ ऐसी जानलेवा कार्रवाई उचित नहीं है।"
यह राजनयिक दखल तब हुआ है जब भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि हमले के बाद शुरू में लापता बताए गए तीन क्रू मेंबर मृत पाए गए हैं। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इन मौतों को "दुखद" नुकसान बताया और कहा कि लापता नाविकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान कर ली गई है। मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के तौर पर की गई है।
गौरतलब है कि जब पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'MT सेटेबेलो' पर हमला हुआ, तो उस पर 28 लोगों का क्रू सवार था। इस क्रू में 24 भारतीय नागरिक और चार विदेशी नागरिक शामिल थे, जिसमें दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी थे। घटना के बाद 21 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया, जबकि लापता क्रू सदस्यों का पता लगाने की कोशिशें तब तक जारी रहीं जब तक कि उनकी मौत की पुष्टि नहीं हो गई।
सोनोवाल ने एक बयान में कहा, "यह हमारे समुद्री समुदाय के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बचाए गए क्रू सदस्यों की तुरंत घर वापसी और मृतकों के शवों को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
अमेरिका का कहना है कि टैंकर ने नाकेबंदी का उल्लंघन किया
अमेरिकी सेना ने जहाज पर हमला करने की बात मानी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने टैंकर को तब निशाना बनाया जब उसने अमेरिकी नौसेना के कर्मियों के निर्देशों का पालन नहीं किया और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरान से तेल ले जाने की कोशिश की।
CENTCOM ने एक बयान में कहा कि ओमान की खाड़ी में उसके एक सैन्य विमान ने टैंकर पर गोलीबारी की और उसे निष्क्रिय कर दिया, क्योंकि जहाज के क्रू ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
बता दें कि यह हमला इलाके में बढ़े तनाव के बीच हुआ, जहां पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान समुद्री आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों ने कमर्शियल शिपिंग को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भारत ने कमर्शियल शिपिंग पर हुए हमले की निंदा की
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इस बात पर जोर दिया है कि जहाज पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक सवार थे और वह कमर्शियल गतिविधियों में लगा हुआ था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हमले बहुत चिंताजनक हैं और इनका संबंध मध्य पूर्व में चल रहे व्यापक संघर्ष से है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस इलाके में जहाजों पर हमले बहुत चिंताजनक हैं और ये इलाके में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा हैं। हम तनाव कम करने की अपनी मांग को फिर से दोहराते हैं।"