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India Oil Supply: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत का 'मास्टरप्लान', रूस और ईरान से क्रूड मंगाकर बुझाई जा रही है तेल की प्यास

India Oil Supplies: सालों बाद भारत ने ईरान से 2.76 लाख बैरल और वेनेजुएला से 1.37 लाख बैरल से तेल मंगाना शुरू किया है। यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों के जोखिम के बावजूद अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 26, 2026 पर 3:10 PM
India Oil Supply: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत का 'मास्टरप्लान', रूस और ईरान से क्रूड मंगाकर बुझाई जा रही है तेल की प्यास
मार्च में भारत ने रूस से औसतन 19.8 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो जनवरी-फरवरी की तुलना में लगभग दोगुना है

India Crude Oil Supply: मिडिल ईस्ट में जारी अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की कम आवाजाही ने भारत की चिंता बढ़ा दी थी। इन्हीं सब के बीच दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल खरीदार भारत ने अब अपनी निर्भरता मिडिल ईस्ट से हटाकर रूस, अफ्रीका और ईरान जैसे देशों पर बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने समय रहते वैकल्पिक रास्ते खोजकर देश में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत होने से बचा लिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और भारत पर असर

भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल 'होर्मुज जलडमरूमध्य' के रास्ते मंगाता है। लेकिन 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से इस रास्ते पर ट्रैफिक नाममात्र रह गया है। अमेरिका और इजरायल के एक्शन के बाद यह समुद्री रास्ता असुरक्षित हो गया है। चीन की तुलना में भारत के पास तेल का भंडार कम है, जिससे कीमतों में उछाल का असर भारत पर सबसे ज्यादा पड़ने का डर था।

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