Get App

'फिर से दोस्ती करना चाहती हैं मेलोनी...', ट्रंप ने इटली PM को दिया अब ये जवाब

Giorgia Meloni : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अब जब अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्ती करना चाहती हैं। ट्रंप ने लिखा, "अब वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्त बनना चाहती हैं। नहीं, धन्यवाद

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 20, 2026 पर 7:53 PM
'फिर से दोस्ती करना चाहती हैं मेलोनी...', ट्रंप ने इटली PM को दिया अब ये जवाब
ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर फिर एक बड़ा दावा किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर फिर एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने कहा कि जी-7 समिट के दौरान मेलोनी ने कई बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि इटली में मेलोनी की लोकप्रियता पहले के मुकाबले कम हो रही है। उनके मुताबिक, इसकी एक वजह ईरान को परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने से रोकने में इटली की कथित असफलता हो सकती है।

अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि मेलोनी ने उस समय अमेरिका का साथ नहीं दिया, जब ईरान को परमाणु हथियारों तक पहुंचने से रोकने की बात हो रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा इटली से प्यार करता है और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा रहता है। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि नाटो ने भी इटली की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर इटली की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रंप ने मेलोनी पर साधा निशाना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ तनाव के दौरान इटली ने अमेरिका को अपने एयरबेस और रनवे का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। हालांकि, इटली सरकार का कहना था कि अमेरिका ने इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत पहले से मंजूरी नहीं ली थी। ट्रंप ने कहा, "मेलोनी ने हमें इटली के रनवे और लैंडिंग स्ट्रिप का इस्तेमाल नहीं करने दिया। इससे हमारे कामकाज और जरूरी व्यवस्थाओं में काफी परेशानी हुई। यह तब हुआ जब अमेरिका इटली और नाटो के दूसरे सहयोगी देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें