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मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत में नहीं होगी तेल-गैस की कमी, सरकार ने संसदीय समिति को दिलाया भरोसा

India's Energy Security: संकट के समय देश की सबसे बड़ी चिंता LPG को लेकर थी क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 90% आयात इसी समुद्री रास्ते से करता है। हालांकि, सरकार ने बताया कि देश में रोजाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है। पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग के बीच न्यूनतम समय और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन जैसे नियम कड़े किए गए हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 7:37 AM
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत में नहीं होगी तेल-गैस की कमी, सरकार ने संसदीय समिति को दिलाया भरोसा
भारत का 70% कच्चा तेल अब उन रास्तों से आ रहा है जो होर्मुज से होकर नहीं गुजरते

Middle East Crisis: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' की नाकाबंदी के बीच कई देशों में ऊर्जा संकट जैसी स्थितियां बन गई है। हालांकि, भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक पॉजिटिव खबर आई है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने संसदीय समिति को आश्वस्त किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

सप्लाई चैन पर युद्ध का असर और भारत की तैयारी

होर्मुज का रास्ता वैश्विक तेल और गैस व्यापार का करीब 20% हिस्सा संभालता है, जो फिलहाल ईरान के नियंत्रण में है। इस तनाव के बावजूद भारत ने खुद को सुरक्षित रखा है। युद्ध से पहले भारत का 45% कच्चा तेल इसी रास्ते से आता था, लेकिन सरकार ने अब दूसरे देशों से संपर्क साधकर इस निर्भरता को कम कर दिया है। अब भारत का 70% कच्चा तेल उन रास्तों से आ रहा है जो होर्मुज से होकर नहीं गुजरते। देश में रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है, जिसके लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

LPG की न करें पैनिक बुकिंग

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