अमेरिका में भारतीय मूल के युवक को 10 साल की जेल, छोटी बच्ची के साथ गलत काम करने का दोषी पाया

कवनकुमार पटेल नेब्रास्का के ओमाहा शहर में 'AmericInn' नाम के एक होटल में काम करता था। उसने अदालत में कबूल किया कि उसने होटल के कैश काउंटर से पैसे चुराकर तस्करों को दिए थे, ताकि वह एक 15 साल की बच्ची का यौन शोषण कर सके

अपडेटेड May 30, 2026 पर 2:24 PM
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अमेरिका में भारतीय मूल के युवक को 10 साल की जेल, छोटी बच्ची के साथ गलत काम करने का दोषी पाया

गुजरात के रहने वाले एक 27 साल के युवक (कवनकुमार पटेल) को अमेरिका में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। उस पर आरोप है कि उसने उस होटल में, जहां वह काम करता था, एक नाबालिग लड़की का शोषण करने के लिए मानव तस्करों को पैसे दिए थे।

कवनकुमार पटेल नेब्रास्का के ओमाहा शहर में 'AmericInn' नाम के एक होटल में काम करता था। उसने अदालत में कबूल किया कि उसने होटल के कैश काउंटर से पैसे चुराकर तस्करों को दिए थे, ताकि वह एक 15 साल की बच्ची का यौन शोषण कर सके।

मामला सामने कैसे आया?


यह घटना 6 जनवरी 2025 को सामने आई। ओमाहा पुलिस होटल में चोरी की एक शिकायत की जांच करने गई थी। लेकिन वहां पहुंचने पर पुलिस को देह व्यापार और मानव तस्करी के सुराग मिले। इसके बाद 'होमलैंड सिक्योरिटी' और स्थानीय पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की और 15 और 16 साल की दो बच्चियों को वहां से छुड़ाया। इन बच्चियों को तस्कर दूसरे राज्य से बहला-फुसलाकर यहां लाए थे।

लड़कियों को दी जा रही थी धमकी

अमेरिकी वकीलों ने बताया कि लड़कियां बेहद डरावने और खराब हालातों में रह रही थीं। तस्करों ने उन बच्चियों से कहा था कि अगर उन्हें होटल में कम किराए पर रहना है, तो उन्हें होटल के स्टाफ के साथ संबंध बनाने होंगे, नहीं तो उन्हें होटल से बाहर निकाल दिया जाएगा।

होटल के तीन कर्मचारी शामिल थे

इस घिनौने काम में होटल के तीन कर्मचारी शामिल थे। पटेल सहित दो कर्मचारियों ने बच्ची के पास जाने के लिए तस्करों को पैसे दिए थे। तीसरे कर्मचारी ने बिना पैसे दिए दूसरी बच्ची का शोषण किया।

इसके बाद, इन तीनों कर्मचारियों ने तस्करों और उन बच्चियों को कई दिनों तक होटल में रुकने की जगह दी।

नरक जैसी जिंदगी जी रही थीं बच्चियां

पीड़ित बच्चियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें खाने के लिए बमुश्किल कुछ मिलता था और उन्हें लगता था कि वे यहां से कभी भाग नहीं पाएंगी। जब उन्हें होटल में कैद रखा गया था, तब भी तस्कर इंटरनेट पर विज्ञापन देकर उनके जरिए और पैसे कमाने की कोशिश कर रहे थे।

अमेरिकी वकील लेस्ली वुड्स ने इस सजा का स्वागत करते हुए कहा, "सुरक्षाबलों ने इन बच्चियों को एक जीती-जागती नरक जैसी जिंदगी से बचाया है।"

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