Indians Returning From Iran: ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और बढ़ते जन-आक्रोश के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी शुरू हो गई है। शुक्रवार देर रात 'महान एयर' की उड़ान (W5-071) से भारतीयों का पहला जत्था दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। परिजनों ने हवाई अड्डे पर भावुक होकर अपने प्रियजनों का स्वागत किया। ईरान में आर्थिक संकट और मुद्रा के रिकॉर्ड स्तर तक गिरने के बाद शुरू हुए प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है, जिसे देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी थी।
'इंटरनेट बंद और सड़कों पर मौत का तांडव': लौटे नागरिकों ने सुनाई आपबीती
अपने वतन लौटे भारतीयों ने ईरान के मौजूदा हालातों को अत्यंत डरावना और चुनौतीपूर्ण बताया है। यात्रियों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से ईरान में पूरी तरह इंटरनेट ब्लैकआउट था। इस वजह से वे न तो अपने परिवारों को अपनी सलामती की खबर दे पा रहे थे और न ही भारतीय दूतावास से समय पर संपर्क कर पा रहे थे। जम्मू-कश्मीर के एक छात्र ने बताया कि प्रदर्शन इतने हिंसक थे कि बाहर निकलना, जान जोखिम में डालने जैसा था। कई बार प्रदर्शनकारी गाड़ियों के सामने आ जाते थे और तोड़फोड़ की कोशिश करते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, भारतीय दूतावास ने जैसे ही संपर्क स्थापित हुआ, नागरिकों को सूचनाएं और निकासी के विकल्प उपलब्ध कराए।
क्यों हो रहे ईरान में हिंसक प्रदर्शन
ईरान में मौजूदा अशांति का मूल कारण देश की अर्थव्यवस्था का चरमराना है। पिछले महीने ईरानी मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट के बाद महंगाई के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों में फैल चुके है। प्रदर्शनकारी अब आर्थिक सुधारों के साथ-साथ राजनीतिक बदलाव की भी मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोग हताहत हुए हैं, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण जमीनी हकीकत और सटीक आंकड़ों की पुष्टि करना कठिन हो गया है।
भारत सरकार की रणनीति और तैयारी
ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की है। विदेश मंत्रालय वर्तमान में वहां रह रहे लगभग 9,000 से 10,000 भारतीयों, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं, का डेटाबेस अपडेट कर रहा है और चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (+989128109115, +989128109109) जारी कर नागरिकों को व्यावसायिक उड़ानों या उपलब्ध रास्तों से तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 'ऑपरेशन गंगा' की तर्ज पर एक बड़े रेस्क्यू मिशन की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसके तहत आवश्यकता पड़ने पर वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर जैसे सैन्य विमानों का उपयोग कर भारतीयों को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया जा सके।