IndiGo cuts flights: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने तीन प्रमुख घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है। विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5.5% बढ़ोतरी को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया गया है। सितंबर में ATF की कीमत बढ़कर ₹121.3 प्रति लीटर हो गई है। इस वजह से इंडिगो अब हिंडन से सिर्फ 5 रूट्स वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई पर संचालन कर रही है। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण एयरलाइंस अपनी कैपेसिटी घटाने पर मजबूर हैं।
एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत के दबाव में क्षमता को कम किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन की परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40-60% तक हो सकती है। हिंडन एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों के संचालन की शुरुआत जून में हुई थी। जुलाई 2025 में इंडिगो ने यहां से नई उड़ानें शुरू की थीं। हालांकि, एयरपोर्ट पर सुबह से शाम तक संचालन की पाबंदियां और सीमित पार्किंग जैसी दिक्कतें भी एयरलाइनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
इंडिगो फ्लाइट की संख्या में प्रमुख बदलाव
हिंडन से अब केवल 5 रूटों पर संचालन
इंडिगो वर्तमान में हिंडन से केवल 5 रूटों पर ही परिचालन कर रही है। इनमें वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई शामिल है। इसमें बेंगलुरु के लिए रोजाना उड़ानें जारी हैं। जबकि चेन्नई के लिए सप्ताह में 4 दिन (सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) उड़ानें चल रही हैं।
ऑपरेशनल चुनौतियां और हिंडन की घटती कनेक्टिविटी
हिंडन टर्मिनल से संबंधित समस्याएं जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के जून में हुए कमर्शियल लॉन्च से भी पुरानी हैं। इंडिगो ने जुलाई 2025 में हिंडन से 8 नए रूट शुरू किए थे। लेकिन अहमदाबाद, इंदौर और पटना जैसे रूट कुछ ही महीनों में बंद कर दिए गए। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी इस टर्मिनल से पूरी तरह हट चुकी है।
हिंडन मूल रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) का केंद्र है, जहां सुबह से शाम (dawn-to-dusk) तक ही उड़ान संचालन की अनुमति है। साथ ही यहां कमर्शियल विमानों के लिए सीमित पार्किंग जगह उपलब्ध है। वर्तमान में यहां केवल दो एयरलाइंस इंडिगो और स्टार एयर (नांदेड़ एवं आदमपुर के लिए) ऑपरेट कर रही हैं।
ईंधन की आसमान छूती कीमतें