Indore Water Contamination: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (17 जनवरी) को देश के सबसे स्वच्छ शहर में पहुंचे। इस दौरान गंदे पानी पीने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। गांधी ने निजी क्षेत्र के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाने और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी थे।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान दम तोड़ने वाली गीता ध्रुवकर (64) और जीवनलाल बरेड़े (80) के घर जाकर उनके शोकसंतप्त परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद वह एक स्थान पर पीड़ित परिवारों से सामूहिक तौर पर मिले। गांधी के दौरे के मद्देनजर भागीरथपुरा में पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए थे। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में गुरुवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है।
प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है। लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
राहुल गांधी ने लोगों की मौत होने को लेकर सरकार पर हमला करते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में लोग दूषित पानी पीकर मर रहे हैं। यह पेयजल त्रासदी सरकार की नाकामी का परिणाम है। गांधी ने पीड़ित परिवारों के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, "यह कहा जाता था कि देश को स्मार्ट शहर दिए जाएंगे। इंदौर एक नए मॉडल का स्मार्ट शहर है जिसमें पीने का साफ पानी तक नहीं है। लोगों को डराया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "इस शहर में लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल सकता है और यहां लोग (दूषित) पानी पीकर मर रहे हैं। यह है शहरी मॉडल। यह केवल इंदौर की बात नहीं है। देश के अलग-अलग शहरों में यही हो रहा है।" उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी मुहैया कराना और प्रदूषण कम करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन सरकार ये जिम्मेदारियां नहीं निभा रही है।
लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता ने मांग की है कि सरकार इंदौर की पेयजल त्रासदी की जिम्मेदारी ले। गांधी ने कहा, "आखिर इंदौर की इस पेयजल त्रासदी के लिए सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा। सरकार को इसकी कोई न कोई जिम्मेदारी तो लेनी चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में सरकार की लापरवाही के कारण लोग दूषित पानी पीने से मरे हैं। गांधी ने कहा, "ऐसे में सरकार को उनकी पूरी मदद करनी चाहिए और पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा देना चाहिए।"
राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेता की आलोचना की। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को कर्नाटक जाना चाहिए, जहां उनकी सरकार सत्ता में है। वहां 20 लोगों की मौत हो गई है। वह हैदराबाद के लिए चिंता नहीं दिखा रहे हैं। भोपाल में ही कांग्रेस शासन के दौरान गैस त्रासदी में हजारों लोगों की जान चली गई थी। एंडरसन को जाने देने का पूरा दोष कांग्रेस पर है।"
यादव ने कहा कि राज्य सरकार लोगों पर फोकस वाली वेलफेयर स्कीम और भागीरथपुरा घटना के बाद तेजी से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, "भागीरथपुरा घटना के बाद आजादी के बाद पहली बार हमारी सरकार ने एक IAS अधिकारी को सस्पेंड किया है। हमने इसमें शामिल सभी पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। दुख की घड़ी में सरकार संवेदनशील है और प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। मैं खुद घायलों से मिलने गया था। हमारे मंत्री और मेयर वहां एक्टिव रूप से काम कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने गांधी पर इस दुखद घटना का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया। सीएम ने उनसे अपने परिवार की ऐतिहासिक विरासत पर सोचने का आग्रह किया।