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इंडियन एयरफोर्स का ऑफिसर कैसे हुआ हनीट्रैप, पाकिस्तान को भेजा सीक्रेट डेटा?

मामले की जानकारी मिलने के बाद इंडियन एयरफोर्स की खुफिया शाखा ने दिल्ली पुलिस के साथ जरूरी जानकारी साझा की। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 30 मई की रात विंग कमांडर को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Aug 08, 2026 पर 3:15 PM
इंडियन एयरफोर्स का ऑफिसर कैसे हुआ हनीट्रैप, पाकिस्तान को भेजा सीक्रेट डेटा?
IAF Officer Honey Trap: सोशल मीडिया पर एक महिला से हुई बातचीत धीरे-धीरे कथित तौर पर ‘हनी ट्रैप’ में बदल गई।

IAF Officer Honey Trap: सोशल मीडिया पर एक महिला से हुई बातचीत धीरे-धीरे कथित तौर पर ‘हनी ट्रैप’ में बदल गई। इंडियन एयरफोर्स का एक विंग कमांडर पाकिस्‍तानी हनी ट्रैप का शिकार हुआ है। आरोप है कि इस दौरान भारतीय वायु सेना के एक विंग कमांडर ने महिला के साथ रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर दी। इंडियन एयरफोर्स की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि IAF का विंग कमांडर इस जाल में कैसे फंसा ?

मामले की जानकारी मिलने के बाद इंडियन एयरफोर्स की खुफिया शाखा ने दिल्ली पुलिस के साथ जरूरी जानकारी साझा की। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 30 मई की रात विंग कमांडर को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। अब इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जांच में एक बड़े जासूसी नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इस नेटवर्क का मकसद देश की रणनीतिक सैन्य खुफिया जानकारी हासिल करना था।

चैट और वीडियो कॉल के जरिए बढ़ी नजदीकी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विंग कमांडर एक फील्ड यूनिट में तैनात थे। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए एक महिला ने उनसे संपर्क किया। दोनों के बीच पहले चैट और फिर वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे महिला ने कथित तौर पर अधिकारी का भरोसा जीत लिया। आरोप है कि महिला ने विंग कमांडर से सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की तैनाती और दूसरी अहम जानकारियों के साथ-साथ तस्वीरें और वीडियो भी साझा करने को कहा। जांचकर्ताओं के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि अधिकारी ने कथित तौर पर डिजिटल माध्यमों के जरिए महिला को महत्वपूर्ण दस्तावेज और डेटा भेजे थे।

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