Kashmiri Help Iran: ईरान के समर्थन में आए हजारों कश्मीरी! महिलाओं ने दान किए सोना-चांदी, कैश और तांबे के बर्तन, देखें- VIDEO

US-Iran-Israel War: जम्मू-कश्मीर के निवासियों ने ईरान में युद्ध से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कैश, सोने-चांदी के आभूषण और तांबे के बर्तन दान करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है। अधिकारियों ने बताया कि बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 8:40 PM
Story continues below Advertisement
US-Iran-Israel War: कश्मीरियों ने युद्ध-ग्रस्त ईरान के लिए सोना, कैश और बर्तन दान किए

US-Iran-Israel War: युद्ध की मार झेल रहे ईरान के लिए कश्मीर की वादियों से सोमवार (23 मार्च) को लगातार दूसरे दिन मदद के वास्ते हाथ बढ़े। भारी संख्या में लोगों ने कैश पैसे, सोना-चांदी, तांबे के बर्तन एवं अन्य कीमती सामान दान में देकर एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। शिया नेता इमरान अंसारी ने अधिकारियों से अपील की है कि एकजुटता की इस सामूहिक अभिव्यक्ति को गरिमा के साथ आगे बढ़ने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस पर किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव न डाला जाए या पूछताछ न की जाए।

अधिकारियों के अनुसार, शहर के जदीबल, हसनाबाद, शालीमार, कमरवारी, लावेपोरा और बेमिना इलाकों में दान शिविर लगाए गए। उन्होंने बताया कि बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इसी तरह के अभियान बडगाम, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में भी चलाए गए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां शिया आबादी अधिक है।

अधिकारियों के अनुसार, राहत के रूप में नकदी, सोना, चांदी के बर्तन और तांबे के बर्तन दान किए गए। महिलाओं ने विशेष रूप से उदारता दिखाते हुए सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुएं दीं। कुछ परिवारों ने पशुधन भी दान किया। जबकि बच्चों ने अपनी बचत और जेब खर्च तक सौंप दिया।


उन्होंने बताया कि एक महिला ने 28 वर्ष पहले दुनिया को छोड़कर जा चुके अपने पति की निशानी के रूप में रखा सोना दान कर दिया। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने इस पहल को ईरान की जनता के लिए सबसे बड़ा संबल बताया।

दूतावास ने X पर कहा, "कश्मीर की एक बहन ने 28 वर्ष पहले दुनिया को अलविदा कह चुके अपने पति की स्मृति में सहेजकर रखा गया सोना, ईरान की जनता के प्रति प्रेम और एकजुटता से भरे मन के साथ दान कर दिया। आपके आंसू और आपकी निर्मल भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ा संबल हैं तथा इन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा। धन्यवाद कश्मीर। धन्यवाद भारत।"

दान को भेजा जाएगा ईरान

अधिकारियों ने बताया कि यह योगदान ईरानी दूतावास सहित आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से भेजा जाएगा। इस बीच, ऑल जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष अंसारी ने पीटीआई से कहा, "कश्मीरी अवाम, खास तौर पर शिया समुदाय गहरी आस्था और अटूट निष्ठा के साथ बड़ी संख्या में आगे आया है। वे पहले से प्रतिबंधों और युद्ध की कठिनाइयों का सामना कर रहे ईरान के साथ खड़ा होना अपना नैतिक एवं धार्मिक दायित्व मानते हैं।"

हालांकि, उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस अभियान से जुड़े लोगों को धन के स्रोत के बारे में अधिकारियों की ओर से फोन किए जा रहे हैं। अंसारी ने कहा, "इस मुश्किल घड़ी में यह भरोसा दिलाना बेहद जरूरी है कि यह सभी दान पूरी तरह मानवीय और धार्मिक उद्देश्य से दिया जा रहा है, ताकि मुश्किल वक्त में ईरान की जनता का सहारा बन सके। लोगों की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हैं और किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव या पूछताछ जनभावना को आहत कर सकती है।"

ईरान युद्ध अपडेट्स

ईरान युद्ध का आज यानी 23 मार्च को 24वां दिन है। इज़रायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं। जवाब में तेहरान भी यहूदी राष्ट्र और अन्य खाड़ी देशों पर जोरदार हमले कर रहा है। दुनिया भर के कई देशों ने इस लड़ाई की निंदा की है। कई देशों ने इस्लामिक गणराज्य की इसलिए आलोचना की है कि वह पश्चिम एशिया क्षेत्र के देशों पर हमले कर रहा है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा सोमवार को बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका पांच दिन के लिए बिजली प्लांटों पर हमले नहीं करेगा।

ये भी पढ़ें- 'तेल का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन LPG की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय'; मिडिल ईस्ट जंग पर भारत सरकार का बयान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।