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क्या एथेनॉल की वजह से महंगी हुई चीनी? सरकार ने गिनाई 5 वजहें और त्योहारों से पहले लिया यह बड़ा फैसला

Sugar Price Rise: देश में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले चीनी की कीमतें रॉकेट हुई जा रही हैं। 20 जुलाई को चीनी का भाव रु48.18 प्रति किलोग्राम था जो 20 अगस्त तक बढ़कर 55.70 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। चीनी की कीमतों को लेकर पैनिक की स्थिति न आए, इसके लिए अब सरकार ने इसे लेकर डिटेल में जानकारी दी है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 21, 2026 पर 7:58 PM
क्या एथेनॉल की वजह से महंगी हुई चीनी? सरकार ने गिनाई 5 वजहें और त्योहारों से पहले लिया यह बड़ा फैसला
क्या एथेनॉल की वजह से महंगी हुई चीनी? सरकार ने गिनाई 5 वजहें

Sugar Price Rise: देश में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले चीनी की कीमतें रॉकेट हुई जा रही हैं। 20 जुलाई को चीनी का भाव 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम था जो 20 अगस्त तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। चीनी की कीमतों को लेकर पैनिक की स्थिति न आए, इसके लिए अब सरकार ने इसे लेकर डिटेल में जानकारी जारी की है। इसमें चीनी की बढ़ती कीमतों की असल वजहें और इसे कंट्रोल करने के उपायों के बारे में बताया गया है। आपको बता दें कि सरकार ने एक दशक के बाद पहली बार चीनी के आयात का भी फैसला लिया है, जिसे इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों को उचिद दर पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।

क्या एथेनॉल की वजह से बढ़ीं कीमतें? सरकार ने खारिज किया दावा

सरकार ने उन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें चीनी की कीमतों में आई हालिया तेजी के पीछे एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन को माना जा रहा था। सरकार का दावा है कि एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन का हिस्सा 2022-23 में करीब 12 फीसदी था, जो 2025-26 में घटकर लगभग 9 फीसदी रह गया है। देश में बनाए जा रहे एथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाजों, खासकर मक्के से तैयार किया जा रहा है।

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