Kailash Vijayvargiya: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में बड़ा सियासी बवाल देखने को मिल रहा है। बीते दिन मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक पत्रकार द्वारा मौतों पर सवाल पूछे जाने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद खूब हंगामा हुआ। हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपने व्यवहार के लिए खेद जताया और माफी मांग ली है।
बीतें दिन जब मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से दूषित पानी के कारण हो रही मौतों और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल किया तब विजयवर्गीय ने अटपटा जवाब दिया जिसपर पत्रकार ने उन्हें सही से बात करने की नसीहत दे दी। घटना के वायरल वीडियो में विजयवर्गीय पत्रकार के सवाल पर भड़कते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'मुझसे नॉनसेंस सवाल मत पूछो। तू क्या ****** होकर आया है?'
विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने 'X' पर लिखा, 'पिछले दो दिनों से हम बिना सोए स्थिति सुधारने में लगे हैं। अपनों को खोने के गहरे दुख में मेरे शब्द गलत निकल गए, जिसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं।'
इंदौर में अब कैसी है स्थिति
भागीरथपुरा इलाके में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 7 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में यह संख्या 13 बताई जा रही है। 149 से अधिक लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अस्पताल जाकर मरीजों का हालचाल जाना और मुफ्त इलाज के निर्देश दिए।
इलाके के मेयर ने माना कि ड्रेनेज का पानी लीकेज के कारण पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल गया था, जिससे डायरिया और उल्टी का प्रकोप फैला।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि भाजपा नेताओं का अहंकार सातवें आसमान पर है। जब जहरीले पानी से हो रही मौतों पर जिम्मेदारी तय करने की बात आई, तो मंत्री गाली-गलौज पर उतर आए। पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि ऐसे अभद्र मंत्री से नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा लिया जाना चाहिए।