कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "अपहरण" किए जाने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ पर टिप्पणी करते हुए वेनेजुएला का जिक्र किया, जिस पर BJP की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था, पृथ्वीराज चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या इसी तरह का दबाव कभी भारत पर भी डाला जा सकता है।
उन्होंने कहा, “तो सवाल यह उठता है कि आगे क्या होगा? क्या भारत में भी वेनेजुएला जैसी घटना होगी? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण करेंगे?” पृथ्वीराज चव्हाण ने भारत के प्रति अमेरिका की व्यापार नीति की आलोचना करते हुए ये विवादित बात कही गई।
पृथ्वीराज चव्हाण ने तर्क दिया कि प्रस्तावित 50 प्रतिशत टैरिफ से भारत-अमेरिका व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “क्योंकि सीधे तौर पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, इसलिए व्यापार रोकने के लिए टैरिफ का सहारा लिया जा रहा है। इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ेगा। अमेरिका को निर्यात से हमारा देश जो मुनाफा कमाता था, वो अब नहीं मिलेगा। हमें वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी होगी और इस दिशा में प्रयास जारी हैं।”
चव्हाण की टिप्पणियों पर BJP ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर भारत की संप्रभुता को कमजोर करने का आरोप लगाया। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा, "कांग्रेस हर दिन नए निचले स्तर पर गिर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भारत की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से बेशर्मी से की है। यह पूछकर कि 'क्या वेनेजुएला में जो हुआ वह भारत में हो सकता है?', कांग्रेस अपनी भारत-विरोधी मानसिकता स्पष्ट कर रही है। राहुल गांधी भारत में अराजकता चाहते हैं। राहुल गांधी भारत के मामलों में विदेशी हस्तक्षेप चाहते हैं!"
पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था, जिसमें उन्होंने ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया, जो उन्होंने भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर दिया गया था।
खड़गे ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि मोदी उनके सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए हानिकारक है। आपको प्रधानमंत्री इसलिए नहीं चुना गया था कि आप उनकी हर बात मान लें।”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रमों पर भी चिंता जताई और जिसे उन्होंने "विस्तारवादी" व्यवहार और राष्ट्रों को डराने-धमकाने की कोशिश बताया, उसके खिलाफ चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, “जो भी विस्तारवाद की कोशिश करता है, वो लंबे समय तक टिक नहीं पाता। हिटलर और मुसोलिनी जैसे लोग तो चले ही गए। यह ठीक नहीं है कि कुछ बुरे विचार रखने वाले लोग वैश्विक शांति को भंग करने का प्रयास करें।”