Riteish Deshmukh: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार (6 जनवरी) को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादों को मिटाने संबंधी उनकी टिप्पणी राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर इससे दिवंगत नेता के बेटे की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उनसे माफी मांगते हैं। एक्टर रितेश देशमुख ने चव्हाण की अपने दिवंगत पिता विलासराव देशमुख के बारे में की गई टिप्पणियों पर जवाब देते हुए कहा कि जो दिल में बस गया है, उसे मिटाया नहीं जा सकता।
लातूर महानगर पालिका चुनावों से पहले चव्हाण ने सोमवार (5 जनवरी) को कहा था कि दिवंगत कांग्रेस नेता विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर लातूर से मिटा दी जाएंगी। इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी पर राज्य के विकास के लिए जीवन समर्पित करने वाले नेता के योगदान को कमतर करने का आरोप लगाया।
विलासराव देशमुख के बेटे एवं कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने चव्हाण की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि कोई भी बाहरी व्यक्ति आकर ऐसी टिप्पणी करके उनके पिता की यादों को नहीं मिटा सकता। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने भी भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता का नाम मिटाया नहीं जा सकता।
बीजेपी नेता ने मांगी माफी
अपने विवादास्पद बयान पर सफाई देते हुए महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को कहा, "इन स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिक सुविधाएं मुख्य मुद्दा होनी चाहिए। इन समस्याओं का तेजी से समाधान कौन कर सकता है, यह अधिक महत्वपूर्ण है। मैंने अपने बयान में विलासराव देशमुख की आलोचना नहीं की। लेकिन कांग्रेस वहां (लातूर में) विलासराव देशमुख के नाम पर वोट मांग रही है।"
बीजेपी नेता ने क्या कहा था?
सोमवार को लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चव्हाण ने कहा था, "आपका उत्साह देखकर मैं सौ फीसदी भरोसे के साथ कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी।" महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रहे देशमुख लातूर के निवासी थे और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को लोग आज भी याद करते हैं।
रितेश ने एक वीडियो बयान में कहा, "मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन गहरी छाप को नहीं।" अमित देशमुख ने सोमवार को कहा था कि लातूर में विलासराव देशमुख के संदर्भ में चव्हाण की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है। इससे सभी लातूरवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं।