JNU Controversial Slogans: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए भड़काऊ नारों को लेकर विवाद और बढ़ गया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने विवादित नारेबाजी को सही ठहराते हुए इसे नाराजगी जाहिर करने का एक तरीका करार दिया है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार (5 जनवरी) को दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में एक्टिविस्ट और JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद एवं शरजील इमाम को जमानत न मिलने के विरोध में प्रदर्शन हुए। इस दौरान, कुछ छात्रों ने आपत्तिजनक नारे लगाए। इन नारों में कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को सीधी धमकियां शामिल थीं।
मंगलवार (6 जनवरी) को विवादित नारों का बचाव करते हुए उदित राज ने कहा, "यह विरोध दर्ज कराने का एक तरीका है। यह राजनीतिक भाषा है, इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। JNU में 2020 दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ गुस्सा है। उमर खालिद और शरजील इमाम साथ ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि वे मुसलमान हैं। उनके साथ नाइंसाफी हुई है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।"
वहीं, RJD सांसद मनोज झा ने कथित नारों की निंदा करते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत हमलों के खिलाफ हैं। उन्होंने पूछा- "मैं मुर्दाबाद कहने के भी खिलाफ हूं। ऐसे नारों की सभ्य लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। लेकिन यह चुनिंदा गुस्सा क्यों?"
सांसद ने आगे कहा, "यह भी परेशान करने वाली बात है कि किसी को सालों तक जेल में रखा जाता है ताकि जेल में रहने के मामले में इसे सहनशक्ति की परीक्षा माना जा सके।" BJP नेताओं ने भी कथित नारेबाज़ी पर हमला बोला। भगवा पार्टी ने दावा किया कि विपक्षी पार्टियां ऐसे लोगों का समर्थन करती हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ विवादित नारेबाजी
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र पांच जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं। मिश्रा ने पीटीआई से कहा, "विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे। वे किसी को लक्ष्य करके नहीं लगाए गए थे।" दिल्ली के मंत्रियों आशीष सूद एवं मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने विपक्ष पर ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों का समर्थन करने का आरोप लगाया।
JNU ने की दिल्ली पुलिस से शिकायत
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन के SHO को चिट्ठी लिखकर JNU में साबरमती हॉस्टल के बाहर PM के खिलाफ आपत्तिजनक एवं भड़काऊ नारे लगाने के मामले में FIR दर्ज करने की अपील की है।
JNU कैंपस में 5 जनवरी, 2020 को उस समय हिंसा भड़क गई थी जब नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने परिसर में घुसकर तीन छात्रों को निशाना बनाया था। इस दौरान लाठियों, पत्थरों एवं लोहे की छड़ों से हमला कर खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिया था।
कैंपस में करीब दो घंटे तक अराजकता का माहौल रहा। इस दौरान JNU छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे। कैंपस में भीड़ के हिंसा करने के दौरान कार्रवाई न करने और परिसर में तोड़फोड़ से संबंधित दो FIR में घोष समेत छात्र संघ के नेताओं का नाम शामिल करने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना हुई थी।