कानपुर से कबरई जाने में 3.5 की बजाय लगेंगे डेढ़ घंटे, यूपी में BOT मोड में NH-34 पर 4/6 लेन का एक्सेस सेक्शन पास, जानिए डिटेल

Kanpur–Kabrai section: ₹7,145.14 करोड़ की लागत से बनेगा 4/6-लेन हाईवे। कानपुर से कबरई का सफर 3.5 घंटे से घटकर सिर्फ 1.5 घंटे में होगा। यह परियोजना बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा

अपडेटेड Jul 01, 2026 पर 4:11 PM
Kanpur–Kabrai section: करीब ₹7,145.14 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना विकसित की जाएगी

Kanpur–Kabrai section: केंद्र सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने नेशनल हाईवे-34 (NH-34) के कानपुर–कबरई सेक्शन पर 117.7 किलोमीटर लंबे 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब ₹7,145.14 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब कानपुर–कबरई सेक्शन पर आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। 117.7 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देगी और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी।

सरकार ने बताया कि नया कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स (Economic Nodes) और 9 सामाजिक नोड्स (Social Nodes) को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही एजुकेशन, हेल्थ और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।


प्रोजेक्ट की लागत

इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹7,145.14 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। इसका निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) (टोल) मॉडल के तहत किया जाएगा। इसमें निजी कंपनी सड़क का निर्माण और संचालन करेगी। वहीं, निर्धारित अवधि तक टोल वसूलेगी। इस हाईवे के निर्माण से कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच तेज एवं सुरक्षित आवागमन संभव होगा।

समय की होगी बचत

इस हाईवे के बनने से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा समय 3.5 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वहीं, तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। इससे बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

यह परियोजना सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक बेहतर और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी। साथ ही, कबरई के खनन क्षेत्र से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों के परिवहन को भी गति मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की संभावना है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की रफ्तार

सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स और 9 सामाजिक नोड्स को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे उद्योग, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कबरई क्षेत्र अपनी खनिज संपदा और स्टोन माइनिंग के लिए जाना जाता है।

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बेहतर सड़क संपर्क मिलने से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की ढुलाई तेज होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। कानपुर-कबरई एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और तेज माल परिवहन के जरिए यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

प्रोजेक्ट की बड़ी बातें

  • 117.7 किमी लंबा हाईटेक 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे बनेगा।
  • इस परियोजना की लागत ₹7,145.14 करोड़ है।
  • अब कानपुर–कबरई यात्रा का समय 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा।
  • मध्य प्रदेश के सागर, भोपाल सहित कई शहरों तक बेहतर सड़क संपर्क बढ़ेगा।
  • खनन, कृषि और औद्योगिक उत्पादों के तेज परिवहन से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
  • 16 आर्थिक और 9 सामाजिक नोड्स की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

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