Dalit woman killed in Karnataka: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर कस्बे में 30 वर्षीय एक दलित महिला की सड़क पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि यह हत्या उसके एक परिचित व्यक्ति ने की। पुलिस अधीक्षक (SP) दीपन एम एन ने बताया कि आरोपी रफीक इमामसाब का भी शव रविवार (4 जनवरी) को येल्लापुर के पास जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इस घटना से कस्बे में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। कई हिंदू संगठनों ने रविवार को येल्लापुर में बंद का ऐलान किया। उन्होंने इस हत्या को 'लव जिहाद' का मामला बताया।
मृतका की पहचान येल्लापुर के कलम्मा नगर की रंजीता भानसोड के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसी इलाके का रहने वाला रफीक महिला की हत्या का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने बताया कि रफीक और रंजीता स्कूल के दिनों से दोस्त थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी महिला पर शादी का दबाव डाल रहा था। जब महिला ने इससे इनकार किया, तो उसने सरेआम कथित तौर पर चाकू से महिला पर हमला कर दिया।"
10 साल पहले ही हो चुकी है महिला की शादी
पुलिस ने रविवार को बताया कि यह घटना शनिवार दोपहर को हुई, जब रंजीता अपने स्कूल से घर लौट रही थी। पुलिस ने बताया कि रंजीता ने लगभग 12 साल पहले महाराष्ट्र में शादी की थी। उनका 10 साल का बेटा है। पुलिस ने बताया कि वह अपने पति से अलग येल्लापुर में अपने परिवार के साथ रह रही थी। वहां वह एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील असिस्टेंट के रूप में काम करती थी।
आरोपी अक्सर उसके घर भोजन के लिए आता था। लेकिन तनाव तब बढ़ गया जब उसने शादी करने पर जोर दिया। लेकिन इसका रंजीता और उसके परिवार ने विरोध किया। हत्या के बाद नाराज निवासियों और हिंदुत्व कार्यकर्ताओं ने आरोपी की गिरफ्तारी में देरी का आरोप लगाते हुए येल्लापुर थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच, रफीक का शव जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। पुलिस ने बताया कि उसकी मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि उसने सुसाइड कर लिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे और दो एकड़ जमीन की मांग की।
उन्होंने पार्टी की ओर से तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता की भी घोषणा की। श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने कहा, "यह पूरी तरह से 'लव जिहाद' का मामला है। इसमें अविवाहित महिलाओं, विधवाओं या तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाया जाता है।"
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने येल्लापुर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विजयेंद्र ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार और गृह विभाग की निष्क्रियता के कारण इस तरह के अपराध बार-बार हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं। पुलिस द्वारा जांच शुरू करने से पहले ही मुख्यमंत्री और गृह मंत्री यह कहकर सफाई दे देते हैं कि यह 'लव जिहाद का मामला नहीं है।" विजयेंद्र ने मामले की गहन जांच और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की।
बता दें कि 'लव जिहाद' शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी समूहों की तरफ से इजाद किया गया है। इसका इस्तेमाल यह आरोप लगाने के लिए किया जाता है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को 'इस्लाम में धर्मांतरण' कराने के लिए उनसे रिश्ते बनाने और शादी के जाल में फंसाने की साजिश रचते हैं।