Get App

UP Real Estate Good News: यूपी में लैंड-यूज चेंज की दरें हुई आधी! अब 6000 वर्ग मीटर तक के नक्शे तुरंत होंगे पास, यूपी सरकार ने 50% तक घटाया लैंड-यूज कन्वर्जन चार्ज

GDA Land Use Change: यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत GDA समेत डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्ड अब 6,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए जमीन के इस्तेमाल (लैंड यूज) में बदलाव कर सकेंगे। बता दें कि पहले ऐसी जमीनों के लिए राज्य-स्तर की मंजूरी जरूरी होती थी।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Sep 17, 2026 पर 1:12 PM
UP Real Estate Good News: यूपी में लैंड-यूज चेंज की दरें हुई आधी! अब 6000 वर्ग मीटर तक के नक्शे तुरंत होंगे पास, यूपी सरकार ने 50% तक घटाया लैंड-यूज कन्वर्जन चार्ज
यूपी सरकार ने 50% तक घटाया लैंड-यूज कन्वर्जन चार्ज

GDA Land Use Change: यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत GDA समेत डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्ड अब 6,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए जमीन के इस्तेमाल (लैंड यूज) में बदलाव कर सकेंगे। बता दें कि पहले ऐसी जमीनों के लिए राज्य-स्तर की मंजूरी जरूरी होती थी, जिसमें अक्सर महीनों लग जाते थे। इसलिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और कन्वर्जन फीस को भी आधा कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इन दो आदेशों से GDA तेजी से मैप और लेआउट प्लान को मंजूरी दे सकेगा।

GDA के एक अधिकारी ने बताया कि इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में 23 ऐसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई थी, जहां नियमों को आसान बनाने और अनावश्यक प्रक्रियाओं को कम करने की जरूरत है। इसी के तहत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य कैबिनेट ने डेवलपमेंट अथॉरिटीज को 6,000 वर्ग मीटर तक के किसी भी प्लॉट के जमीन के इस्तेमाल में बदलाव करने की इजाजत दे दी है। अधिकारी ने कहा, "जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की प्रक्रिया अपने आप में बहुत मुश्किल थी क्योंकि इसके लिए राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत होती थी, जिसमें कई बार महीनों लग जाते थे।" उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी में बदलाव से शहरीकरण को जरूरी रफ्तार मिलेगी।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में राज्य सरकार ने GDA बोर्ड समेत सभी डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्ड को जमीन का इस्तेमाल खेती से बदलकर टाउनशिप के लिए रिहायशी करने का अधिकार दिया था, लेकिन यह अधिकार सिर्फ 'CM अर्बन एक्सपेंशन न्यू सिटी प्रमोशन स्कीम' के तहत आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए ही था।

वहीं, अलग-अलग कैटेगरी में जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (लैंड-यूज कन्वर्जन) की दरों में भी कटौती की गई है। खेती वाली जमीन को इंडस्ट्रियल जमीन में बदलने की दर को पहले के 20% से घटाकर सर्कल रेट का 15% कर दिया गया है। रिहायशी इस्तेमाल के लिए कन्वर्जन की दर को 50% से घटाकर 25% कर दिया गया है। इंस्टीट्यूशनल इस्तेमाल के लिए इसे 100% से घटाकर आधा यानी 50% कर दिया गया है। कमर्शियल कन्वर्जन के लिए दर को 150% से घटाकर 75% कर दिया गया है, जबकि मिक्स्ड-यूज कन्वर्जन के लिए इसे 125% से घटाकर 65% कर दिया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें