Get App

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद ही लेह में हुई हिंसा पर काबू पाया गया: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

नटराज ने बेंच को बताया, “वह हिंसा को मुख्य रूप से उकसाने वाले थे। इस हिंसा में चार लोग मारे गए थे और 60 लोग घायल हुए थे। हिरासत आदेश में स्पष्ट संबंध दिखता है, इसमें स्पष्ट रूप से सोची-समझी रणनीति का इस्तेमाल किया गया है।” अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 12, 2026 पर 9:03 PM
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद ही लेह में हुई हिंसा पर काबू पाया गया: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद ही लेह में हुई हिंसा पर काबू पाया गया: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

केंद्र ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में भीड़ को उकसाने वाले मुख्य शख्स थे। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ को बताया कि वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई।

नटराज ने बेंच को बताया, “वह हिंसा को मुख्य रूप से उकसाने वाले थे। इस हिंसा में चार लोग मारे गए थे और 60 लोग घायल हुए थे। हिरासत आदेश में स्पष्ट संबंध दिखता है, इसमें स्पष्ट रूप से सोची-समझी रणनीति का इस्तेमाल किया गया है।”

उन्होंने कहा, “उनकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई। इसलिए यह साबित हो गया कि गिरफ्तारी का आदेश एक सटीक आदेश था जो उस स्थिति में उचित था।”

विधि अधिकारी ने कहा कि वांगचुक की हिरासत के लिए इन सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का सावधानीपूर्वक पालन किया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें