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10 साल में सबसे कम बारिश की आशंका, इस बार मानसून दे सकता है बड़ा झटका! IMD ने घटाया अपना अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार बारिश कम होने की सबसे बड़ी वजह एल नीनो (El Nino) हो सकता है। यह प्रशांत महासागर में बनने वाली एक मौसमीय स्थिति है, जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल एल नीनो काफी मजबूत हो सकता है और इसका असर अगले साल तक भी रह सकता है

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड May 30, 2026 पर 12:45 PM
10 साल में सबसे कम बारिश की आशंका, इस बार मानसून दे सकता है बड़ा झटका! IMD ने घटाया अपना अनुमान
Monsoon Rain: इस बार 10 साल में सबसे कम बारिश की आशंका, मानसून दे सकता है बड़ा झटका! IMD ने घटाया अपना अनुमान

भारत में इस साल मानसून सामान्य से काफी कमजोर रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने पहले अनुमान को घटाते हुए कहा है कि जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश सामान्य से सिर्फ 90% रहने की संभावना है। अप्रैल में विभाग ने 92% बारिश का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे कम कर दिया गया है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो 2015 के बाद यह देश का सबसे सूखा मानसून सीजन हो सकता है। 2015 में देश में सामान्य से सिर्फ 86% बारिश हुई थी। पिछले 20 सालों में केवल 2009, 2014 और 2015 ऐसे साल रहे हैं जब मानसून की बारिश 90% से नीचे रही थी।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार बारिश कम होने की सबसे बड़ी वजह एल नीनो (El Nino) हो सकता है। यह प्रशांत महासागर में बनने वाली एक मौसमीय स्थिति है, जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल एल नीनो काफी मजबूत हो सकता है और इसका असर अगले साल तक भी रह सकता है।

IMD के अनुसार जून में एल नीनो का असर कमजोर रहेगा, लेकिन जुलाई और अगस्त में यह मध्यम स्तर का और सितंबर में काफी मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) से भी ज्यादा मदद मिलने की उम्मीद नहीं है। पहले माना जा रहा था कि IOD सकारात्मक हो सकता है, जिससे एल नीनो के असर को कुछ हद तक संतुलित किया जा सके, लेकिन अब इसके पूरे मानसून सीजन में सामान्य रहने की संभावना जताई गई है।

पिछले कुछ साल भारत के लिए मानसून के लिहाज से अच्छे रहे हैं। पिछले सात वर्षों में से पांच बार सामान्य से ज्यादा बारिश हुई थी। ऐसे में इस साल का कमजोर मानसून उस अच्छे दौर को खत्म कर सकता है।

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