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'मेरे बेटे के पास जाने दो...' कोचिंग सेंटर में लगी आग और बाहर रोते परिजन, लखनऊ अग्निकांड के दिल दहला देने वाले पल

इस हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया, जब आग से बचने की कोशिश में एक छात्र ऊपरी मंजिल से नीचे कूद गया। नीचे मौजूद लोगों ने तुरंत एक गद्दे जैसी व्यवस्था की, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। छात्र के नीचे गिरते ही स्थानीय लोग उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। बिल्डिंग के बाहर का माहौल बेहद दुखद था

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jun 22, 2026 पर 11:01 PM
'मेरे बेटे के पास जाने दो...' कोचिंग सेंटर में लगी आग और बाहर रोते परिजन, लखनऊ अग्निकांड के दिल दहला देने वाले पल
सोमवार दोपहर हुई इस दर्दनाक घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे।

"मुझे मेरे बेटे के पास जाने दो..." यह कहते हुए एक मां जोर-जोर से रो रही थी और खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। उस समय कई परिवार अपनों की तलाश में लखनऊ के अलीगंज स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक भवन की ओर दौड़ रहे थे। उन्हें अंदर फंसे लोगों के घबराहट भरे फोन कॉल मिल रहे थे। बिल्डिंग के बाहर मौजूद परिजन बेबस होकर देख रहे थे कि कैसे घना काला धुआं और तेज आग कोचिंग सेंटर को अपनी चपेट में ले रही है। सोमवार दोपहर हुई इस दर्दनाक घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे।

दमकल विभाग के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया था। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने बिल्डिंग की खिड़कियों और शीशों को तोड़ने की कोशिश की, ताकि अंदर भरा जहरीला धुआं बाहर निकल सके और फंसे लोगों को बचाया जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिल्डिंग में कई छात्र फंसे हुए थे, जो गर्मी की छुट्टियों के दौरान एनिमेशन की ट्रेनिंग लेने आए थे। छात्रों को संकट में देखकर आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।

परिवार के लोग लगा रहे थे गुहार

इस हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया, जब आग से बचने की कोशिश में एक छात्र ऊपरी मंजिल से नीचे कूद गया। नीचे मौजूद लोगों ने तुरंत एक गद्दे जैसी व्यवस्था की, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। छात्र के नीचे गिरते ही स्थानीय लोग उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। बिल्डिंग के बाहर का माहौल बेहद दुखद था। जैसे ही माता-पिता और रिश्तेदारों को अंदर फंसे अपने प्रियजनों के घबराए हुए फोन आए, वे घटनास्थल पर पहुंच गए। कई लोग चिंता और बेबसी में रोते-बिलखते नजर आए। कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों से बिल्डिंग के अंदर जाने की अनुमति मांग रही थीं, ताकि वे अपने बच्चों और परिवार के लोगों तक पहुंच सकें। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक महिला लगातार रोते हुए अधिकारियों से गुहार लगाती रही, "मुझे मेरे बेटे के पास जाने दो।"

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