मध्य प्रदेश : लिव-इन रिलेशनशिप पर सरकार ने लाया नया नियम, तोड़ने पर होगी 3 महीने की जेल

मध्य प्रदेश में मंजूर किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के तहत शादी, लिव-इन रिलेशनशिप और संपत्ति के नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नए कानून के अनुसार एक समय में केवल एक ही शादी मान्य होगी। तलाक सिर्फ अदालत की मंजूरी के बाद ही मान्य होगा। वहीं, शादी के लिए पुरुष की न्यूनतम उम्र 21 साल और महिला की न्यूनतम उम्र 18 साल तय की गई है

अपडेटेड Jul 19, 2026 पर 6:26 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को भोपाल में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को मंजूरी दे दी।

मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को भोपाल में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को मंजूरी दे दी। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य शादी, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि यह कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होगा। हालांकि, संरक्षित क्षेत्रों में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों (ST) और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "चाहे राम हों या रहीम, यूनिफॉर्म सिविल कोड सभी लोगों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से लाया गया है।"

UCC में लिव-इन, शादी और संपत्ति को लेकर बड़े बदलाव

मध्य प्रदेश में मंजूर किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के तहत शादी, लिव-इन रिलेशनशिप और संपत्ति के नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नए कानून के अनुसार एक समय में केवल एक ही शादी मान्य होगी। तलाक सिर्फ अदालत की मंजूरी के बाद ही मान्य होगा। वहीं, शादी के लिए पुरुष की न्यूनतम उम्र 21 साल और महिला की न्यूनतम उम्र 18 साल तय की गई है। इसके अलावा, गांव की पंचायत से लेकर शहर के नगर निकाय तक हर शादी का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।


लिव-इन रिलेशनशिप का भी कराना होगा रजिस्ट्रेशन

इस कानून के तहत लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया गया है। साथ रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। लिव-इन में रहने के लिए भी वही उम्र की शर्तें लागू होंगी, जो शादी के लिए तय की गई हैं। अगर कोई शादीशुदा व्यक्ति लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।

बेटा और बेटी को मिलेगा बराबर का हक

नए कानून के तहत बेटे और बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा। पहले कई मामलों में महिलाओं को संपत्ति में कम हिस्सा मिलता था, लेकिन अब दोनों को बराबरी का अधिकार दिया जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।