बिहार के आरा जंक्शन पर रविवार सुबह दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। ये हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। राहत की बात है कि घटना में किसी यात्री के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। PTI के अनुसार, ट्रेन के आरा जंक्शन से रवाना होने के कुछ देर बाद ही इसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के कारण इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। शुरुआती जांच में रेड सिग्नल पार करना हादसे की वजह बताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
काफी कम थी ट्रेन की स्पीड
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी। उन्होंने कहा कि, 'यह घटना सुबह उस समय हुई, जब ट्रेन आरा जंक्शन से कुछ ही देर पहले रवाना हुई थी। ट्रेन की कम स्पीड और रेलवे के फेलसेफ सिस्टम की वजह से किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।' घटना के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को आगे रवाना कर दिया गया और ट्रेन सुबह करीब 7:23 बजे आरा जंक्शन से चली।
मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने देखा कि ट्रेन के दो वैगन पटरी से उतर गए थे और दोनों के दो-दो पहिए ट्रैक से बाहर आ गए थे। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के CPRO सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के कारण रेल यातायात पर कुछ असर पड़ा, लेकिन डाउनलाइन पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रही। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रेन के रेड सिग्नल पार करने के बाद यह हादसा हुआ।
रेड सिग्रल की वजह से पटरी से उतरी ट्रेन
PTI के मुताबिक, CPRO ने बताया कि शुरुआती जांच में ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह ड्राइवर की गलती सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर ने कथित तौर पर रेड सिग्नल पार कर लिया था। लेकिन, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसकी सही वजह क्या थी, यह विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। रेलवे अधिकारी ने साफ किया कि अभी जो जानकारी सामने आई है, वह शुरुआती जांच पर आधारित है। हादसे की पूरी और सही वजह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।