Harshwardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने टीपू सुल्तान से कर दी शिवाजी की तुलना, बवाल के बाद हर्षवर्धन सपकाल पर पुणे में शिकायत दर्ज
Harshwardhan Sapkal: कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दोहरे मापदंड अपनाने और ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल की आलोचना के बीच यह आरोप लगाया है
Harshwardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कथित तौर पर टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी से की
Harshwardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मैसूर के 18वीं शताब्दी के विवादित शासक टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करने पर सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की तीखी आलोचना करते हुए उनके बयान को शर्मनाक करार दिया है। विवाद के बाद हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पुणे पुलिस ने शिकायत दर्ज किया है। उन्होंने कथित तौर पर टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज जैसा 'बहादुरी का प्रतीक' बताया था।
पुणे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पदाधिकारी ने इस मुद्दे पर सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। BJP नेता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) और 196 (धर्म, जाति, भाषा या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या असामंजस्य को बढ़ावा देना) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
हर्षवर्धन सपकाल ने क्या कहा?
बुलढाणा में पत्रकारों से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने मालेगांव महानगरपालिका की डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर हुए विवाद पर बात की। इसका क्षेत्र के शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और स्वराज के विचार को पेश करने के उनके तरीके का जिक्र करते हुए टीपू सुल्तान के अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध का ऐलान करने का उदाहरण दिया। साथ ही दावा किया कि यह लड़ाई शिवाजी महाराज के आदर्श की तर्ज पर थी।
पीटीआई के मुताबिक सपकाल ने कहा, "इस तरह टीपू सुल्तान एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली विचारधाराओं को नहीं अपनाया। हमें टीपू सुल्तान को वीरता के प्रतीक के रूप में शिवाजी महाराज के समकक्ष मानना चाहिए।"
सीएम ने साधा निशाना
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तुलना निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और उसके सहयोगी दलों को सपकाल की टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।"
कांग्रेस नेता ने दी सफाई
विवाद के बाद सपकाल ने X पर एक पोस्ट में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता अतुलनीय है। जबकि टीपू सुल्तान वीर और स्वराज प्रेमी थे। उन्होंने लिखा, "छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर ही टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।" सपकाल ने दावा किया कि जब टीपू सुल्तान विदेशी शासकों से लड़ रहे थे, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा पर अमल करने वाले लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी और गुलामी कर रहे थे।
उन्होंने कहा, "इसलिए देवेंद्र फडणवीस को इतिहास पढ़ाने का दिखावा नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र के लोग नहीं भूले हैं कि BJP-RSS, (पूर्व राज्यपाल) भगतसिंह कोश्यारी और अन्य लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ क्या-क्या बोला और कैसे उनका अपमान किया।" सपकाल ने एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "संविधान की मूल कॉपी पर शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान दोनों की तस्वीरें हैं।"
कांग्रेस का फडणवीस पर पलटवार
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने भी फडणवीस पर जमकर निशाना साधा। एक बयान में लोंढे ने कहा कि बीजेपी टीपू सुल्तान के बारे में सपकाल की टिप्पणी में समकक्ष शब्द के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित करके विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने का हताशा भरा प्रयास करार दिया।
लोंढे ने दावा किया कि BJP राज्य में बेरोजगारी, महंगाई, किसान आत्महत्या के मामलों और बिजली की बढ़ती दरों जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ध्रुवीकरण को बढ़ावा देकर शासन से संबंधित मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के भाजपा के प्रयासों की कड़ी निंदा करती है।
कौन था टीपू सुल्तान?
टीपू सुल्तान इतिहास की एक विवादास्पद हस्ती है। जहां एक वर्ग अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनकी वीरता की तारीफ करता है। वहीं, दूसरा वर्ग दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार के लिए उनकी आलोचना करता है। इसके विपरीत, छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी सैन्य प्रतिभा के साथ-साथ परोपकार और सामाजिक कल्याण पर आधारित प्रशासनिक कौशल के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता है।