NEET Paper Leak Row: NTA के 47 अफसर बर्खास्त, पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्श

NEET Paper Leak Row: शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, देश की परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी के तहत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को 47 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार एजेंसी के भीतर जवाबदेही तय करने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 9:11 PM
पेपर लीक मामले में NTA की बड़ी कार्रवाई

राजधानी दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच देश की परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, बर्खास्त अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ केस भी दर्ज किया जा सकता है। मुताबिक यह कदम NTA में बड़े पैमाने पर हो रहे बदलाव के तहत उठाया गया है। NTA में सुधार के लिए जल्द ही और एक्शन लिए जाएंगे। एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला था

NTA से 47 अधिकारी हटाए गए

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, देश की परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी के तहत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को 47 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार एजेंसी के भीतर जवाबदेही तय करने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है।


बताया जा रहा है कि आने वाले समय में एनटीए में और भी बड़े सुधार किए जा सकते हैं। यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक बदलाव की योजना का हिस्सा है। हाल के दिनों में परीक्षा पेपर लीक के विवादों के बाद एनटीए पर सवाल उठे थे। अब सरकार एजेंसी का पूरी तरह से पुनर्गठन करने की तैयारी में है, जिसे अगले महीने लागू किया जा सकता है।

एनटीए के आउटसोर्सिंग सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव

सूत्रों के मुताबिक, सरकार का सबसे बड़ा फोकस राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के आउटसोर्सिंग मॉडल में बदलाव करना है। परीक्षा से जुड़े कई काम बाहरी एजेंसियों के जरिए कराए जाते हैं। अब इन प्रक्रियाओं में बदलाव कर निगरानी बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और परीक्षा आयोजित करने में सामने आई कमियों को दूर करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि ये बदलाव एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से पूरी तरह सुरक्षित हो।

लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाने की तैयारी

पेपर लीक के मामलों को लेकर हुए विवाद के बाद केंद्र सरकार अब पूरी परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी में है। सरकार का लक्ष्य ऐसी लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश न रहे। इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े बदलाव किए जाएंगे। साथ ही, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में पारदर्शिता, जवाबदेही और कामकाज की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

ये सुधार नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद सामने आए सवालों को देखते हुए किए जा रहे हैं। इस मामले ने देशभर में नाराजगी पैदा की थी और सुरक्षित व भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की मांग तेज हो गई थी। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से एनटीए के काम करने का तरीका पूरी तरह बदलेगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं पर छात्रों का भरोसा फिर से कायम होगा। फिलहाल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) देशभर में जेईई, नीट, सीयूईटी समेत 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और भर्ती परीक्षाएं आयोजित करती है।

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