PM Modi Birthday Special: 12 साल में क्या बदला? भारत के साथ सोच भी बदली और दुनिया का नजरिया भी
PM Narendra Modi Birthday Special: बात करें 2014 से पहले के भारत की। वो भारत जहां पॉलिसी पैरालिसिस था। वो भारत जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला था। वो भारत जहां पीएम से ज्यादा शक्तिशाली होते थे पीएम को चलाने वाले। ऐसी सरकार जिसने जनता का भरोसा खो दिया था। ऐसे माहौल में पीएम मोदी भरोसा का आगमन मानो देश और देश की जनता के लिए एक वरदान बन गया
PM Narendra Modi Birthday Special: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है
PM Narendra Modi Birthday Special: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है। पिछले डेढ दशकों से इस अवसर पर हमेशा कुछ ना कुछ लिखता आया हूं। इस बार ये सोंचने में लगा था कि इतना कुछ लिखा जा चुका है तो फिर थोड़ा अलग क्या हो सकता है। लक्ष्य वहीं हैं और नीतियां भी वही हैं। पीएम मोदी की रफ्तार में जरा भी कमी नहीं आयी है। फिर बदला क्या है? बदला तो देश है। बदली तो लोगों की सोंच है। बदला तो दुनिया का भारत की तरफ देखने का नजरिया है। ब्रिक्स 2026 के सफल आयोजन ने साबित कर दिया है कि भारत अब दुनिया के अग्रणी देशों की कड़ी का हिस्सा हो चुका है जिसे नजरअंदाज कर के चलना शायद किसी भी देश के लिए आसान नहीं होगा।
2014 से पहले का भारत
अब बात करें 2014 से पहले के भारत की। वो भारत जहां पॉलिसी पैरालिसिस था। वो भारत जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला था। वो भारत जहां पीएम से ज्यादा शक्तिशाली होते थे पीएम को चलाने वाले। ऐसी सरकार जिसने जनता का भरोसा खो दिया था। ऐसे माहौल में मोदी भरोसा का आगमन मानो देश और देश की जनता के लिए एक वरदान बन गया। मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने बतौर पीएम शपथ ली। जो तनख्वाह उन्हे सीएम के तौर पर मिली वो पूरी रकम गुजरता की बालिकाओ की शिक्वोषा पर दान कर आए।
गुजरात से सिर्फ दो सूटकेस के साथ पहुंचे दिल्ली
उनके साथ गुजरात से सिर्फ दो सूटकेस आए थे। लेकिन साथ में थी किचेन से लेकर उनकी दिनचर्वोया तक देखने वाली पुरानी टीम टीम जिसने दिल्ली में भी मोर्चा संभाल लिया था। मोदी भरोसा अपनी टीम पर भी था। पीएम मोदी की खासियत ही यही है कि एक बार जो उन्हें भा गया फिर वो उनके दिल से नहीं उतरता। ये बात देश भर के वो सभी नेता और कार्यकर्ता बता सकते हैं जिन्होने उनके साथ पिछले 50 सालों में काम किया।
ऐसा नही है कि पीएम मोदी को अपने शासनकाल में चुनौतियां नहीं झेलनी पड़ी हैं। 2014-19 के पहले कार्यकाल में सूटबूट की सरकार, बिहार जैसे राज्य में चुनावी हार, नोटबंदी जैसे फैसलों के बाद तो लगा था कि मानो सरकार के पैर ही उखड़ रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी की नीयत और नीतियों पर देश की जनता ने भरोसा जताया और 2019 के नतीजों ने साबित कर दिया कि मोदी गारंटी पर भरोसा कितना बढ़ गया है।
मोदी 2.0 में आई कई मुश्किलें
2019-2024 यानि मोदी 2.0 में भी मुश्किलों कुछ कम नहीं आयी। शुरुआत धारा 370 हटाने, तीन तलाक को खत्म करने के कड़े फैसलों से शुरु हुई। लेकिन कोरोना ने मानो विकास की रफ्तार में बेडियां लगाने की कोशिश की। इससे भी पीएम मोदी ने उबार लिया। पहली बार भारत ने न सिर्फ दवा ईजाद की बल्कि उस दवा को पूरे देश की जनता को मुफ्त मे बांटा। दुनिया भर के देशों को कोरोना की दवा भेजी गयी। इस संकट की घड़ी मे दुनिया के सामने भारत एक दोस्त के रुप में उभरा।
पीएम मोदी के पहले कार्यकाल मेंं सूटबूट की सरकार और राफेल खरीद में भ्रष्टाचार जैसे आरोपों से सरकार घिर गयी थी। फिर पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लिया। इस संकट में भी जनता का मोदी भरोसा बना रहा। मोदी 2.0 के दौरान भी शाहिन बाग से लेकर देश भऱ में प्रदर्शन शुरु हो गए थे। लेकिन पीएम मोदी के धैर्य औऱ जनहित में किए जा रहे फैसलों ने एक बार फिर बाजी पलट दी। विपक्ष की बांटो और सत्ता पाओ की राजनीति भी मुंह के बल गिरी। 10 साल की एंटी इंकंबेंसी पर मोदी गारंटी भारी पड़ी।
2024 में ऐतिहासिक वापसी
2024 में बीजेपी को भले ही 240 सीटें आयीं। लेकिन एनडीए गठबंधन को 290 से ज्यादा सीटे मिलीं। और ये नंबर कही से पीएम मोदी की लोकप्रियता और जनता की उन पर भरोसे में कमी की ओर इशारा नहीं करते हैं। लोकसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल की रिकार्ड तोड़ जीत ने मोदी भरोसे को और पुख्ता कर दिया है।
अब विपक्ष ने जेन जी के नाम पर पीएम मोदी विरोध को एक नया रुप देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पीएम मोदी ने भी छात्रों के बीच जाकर बताया है कि उनके कार्यकाल में अब तक क्या क्या बदला है। पीएम मोदी खुद इंस्टाग्राम, सोशल और डिजिटल मीडियम पर खासे सक्रिय हो चुके है। पूरी पार्टी के साथ साथ सरकार के मंत्रियों को भी निर्देश जा चुका है कि वक्त बदल रहा है आप सब भी जनता के बीच जाकर उन्ही की भाषा और शैली में संवाद करो।
चुनावी राजनीति जैसी भी हो। लेकिन पीएम मोदी जानते हैं कि 15 साल की सत्ता के बाद 2029 की लड़ाई आसान नहीं है। इसलिए अपने जन्मदिन पर एक बार फिर कोई जश्न नहीं मना रहे बल्कि पूरी पार्टी और सरकार 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा मनाएगी। अब बतौर पीएम नरेन्द्र मोदी 12 साल पूरे कर रहे हैं तो ये बताना जरुरी है कि आखिर बदला क्या है।
देश में क्या-क्या बदला है?
हम बताते हैे कि देश में बदला क्या है। सबसे पहले तो कोरोना काल से ही देश की 80 करोड़ गरीब जनता को मुफ्त का राशन देने की योजना को मोदी सरकरा गांव गांव तक पहुंचा रही है। एस्पीरेशनल डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत सवा सौ सबसे गरीब और पिछ़डे गांवों की पहचान करके उनके उत्थान का काम अधिकारियों को सौंपा। सीमा पर के गांव में विकास की रोशनी पहुंचे इसके लिए पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों के लिए सीमा पर मौजुद एक गांव में प्रवास करने का निर्देश भी दिया।
जन धन योजना के तहत गरीब जनता के बैंकों में खाते खोले गए। महिलाओं के खातों में सीधा पैसा पहुंचा। पीएम किसान निधि के तहत पीएम मोदी ने एक बटन दबाकर करोड़ों किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए। बदला यही है 2014 के बाद, वो भी आजादी के 70 साल के बाद। कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक न केवल सरकारी अनुदान बल्कि योजनाओं का लाभ सीधा पहुंच रहा है।
महिलाओं की स्थिति बदली
बदली है महिलाओं की स्थिति। बालिका बचाओ बालिका पढाओ का नारा जन आंदोलन बन गया है। स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में शौचालय बनाना अनिवार्य बना ताकि खुले में शौच से महिलाओं को मुक्ति मिले। उज्जवला योजना के तहत दूर दराज के गांवों को मुफ्त का सीलिंडर दिया गया ताकि उन्हें धुंए से छुटकारा मिल सके। पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि उन्होने अपनी मां और बहनों को धुंएं वाले चुल्हे पर खाना बनाते देखा है उससे वो देश की गरीब माताओं और बहनों को छुटकारा दिलाना चाहते हैं।
लखपति दीदी, ड्रोण दीदी जैसी नये प्रयोगों ने भी महिला शक्ति को आगे आने के लिए प्रेरित किया। सेना से लेकर सभी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढञती चली गयी। अब ये पीएम मोदी के खामोश वोटर ही अपनी वोट की ताकत से बताएंगी कि देश में बदला क्या है।
बदला है भुगतान का तरीका
डीजीटल भुगतान, यूपीआई पेमेंट ने ग्रामीण और गरीब क्षेत्रों मे भी लेन देन को आसान बना दिया है। जो विकसित पश्चिमी देश इस पैमाने पर अब तक नहीं कर पाए, पीएम मोदी की पहल ने वो करिश्मा कर दिखाया है जो भारत में एक क्रांति लेकर आया है। एक बटन मात्र दबा कर पीएम मोदी अब करोड़ो गरीब जनता के खातों मे सीधा पैसे डाल रहे हैं। अब छात्रों और जरुरतमंदों को गजटेड ऑफिसरों के हस्ताक्षर के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते।
खुद के द्वारा ही सत्यापित सर्टिफिकेट अब सभी जगहों पर मान्य होते हैं। जनधन-आधार और योजना के तहत तीनों को ऐसा लिंक किया है कि पूरे देश में पेपरलेस काम अबाध गति से बढ चला है। यहां तकि आयकर भऱना भई अब आम आदमी के लिए इतना आसान हो गया है कि इस विभाग के पास करदाताओं की संख्या सैकड़ो गुना बढ गयी है।
बदला है VIP संस्कृति
बदला है वीआईपी संस्कृति से जुडा भारत का मिजाज। पीएम मोदी ने लाल बत्ती संस्कृति पर कानून बना कर रोक लगा दी। अब किसी नेता के लिए ट्रैफिक नहीं रोका जाता। साईरन बजाने का अधिकार सिर्फ एंबुलेंसों को रह गया है। आलम ये है कि दिल्ली में भी दूर यात्रा करनी हो तो पीएम खुद मेट्रो ट्रेन मे जनता से संवाद करते हुए सफर करते हैं। वो दौर भी बदला है जब हर छुट्टी में मंत्री और अधिकारी विदेश की यात्रा पर होते थे।
अब न कोई छुट्टी होती है और न ही कोई साप्ताहिक अवकाश मिलता है। पीएम ने साफ कर दिया है कि जनता की सेवा करने आए हैं तो जनता के बीच ही रहें तो बेहतर है। नौकशाहों को पीएम मोदी ने शुरुआत से ही ऐसा काबू किया कि अब जन सेवा के अलावा उन्हे कुछ और नहीं सूझता। यहां तक कि सीविल सर्विस प्रतियोगित में सफल अधिकारियों की मसूरी की ट्रेनिंग का पूरा ढांचा बदल गया है।
योजनाओ की भरमार!
योजनाओ की कोई कमी नहीं रही। लेकिन बदला है तो उन्हे जमीन तक पहुंचान सुनिश्चित करने का तरीका। पीएमओ में काम करने वाले शीर्ष अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी किसी भी योजना को तब तक मंजूरी नहीं देते जब तक उसे जमीन पर क्रियान्वित करने की योजना उसके साथ नहीं बतायी गयी हो। तभी तो हर योजना का लाभ सीधा गरीबों तक पहुंच रहा है। दूर दराज के इलाकों में उनकी जिंदगी का कायकल्प हो रहा है। यानि बदल रहा है लोगों का मिजाज और उनकी जिंदगी। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में सीधा पैसा डालना, उन्हे सीधा बाजार से जोड़ना, फसल के लिए बीमा योजना, सस्ते में उर्वरक देना, किसानों की जिंदगी भी मोदी राज में बदलाव से अछूती नहीं रही है।
बदला क्या है इसकी फहरिश्त इतनी लंबी है कि चद वाक्यों में खत्म नहीं होगी। लेकिन पीएम मोदी के जन्मदिन पर ये याद दिलाना भी जरुरी है कि उन्होने ऐसे कितने कामों को अंजाम दे दिया है जिसका इंतजार पूरा देश ही क्या पूरी दुनिया में बसे भारतवासी कर रहे थे। इसमें सबसे पहला काम तो मोदी 2.0 के दौरान लिया गया ऐतिहासिक फैसला तो स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। ये था कश्मीर से धारा 370 हटाना।
इतनी शांति के साथ इस काम को अंजाम दिया गया कि सब मोदी मोदी कर उठे। दूसरा काम जिसके कारण पीएम मोदी को इतिहास याद करेगा क्योंकि वो काम तो करोड़ों लोगो की आस्था से जुडा है। वो है कोर्ट से निकाल कर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण।
तीन तलाक समाप्त
तीन तलाक समाप्त करने का फैसला। बुलेट ट्रेन को पटरी पर लाने का काम भी तेजी से चल रहा है। जाहिर है ये इतिहास के पन्नो में दर्ज हो रहे हैं। आने वाली पीढियां पीएम मोदी के इस योगदान को याद रखेंगी। अंत में जन्मदिन के मौके पर यही लिखना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी आपने चुनावी लोकतंत्र में शीर्ष पर 25 साल पूरे कर लिया। आपने इस दौरान काफी उतार चढाव भी देखे हैं। आपने मोदी गारंटी दे देकर पूरी दुनिया में बसे भारतवासियों के मन में एक मोदी भरोसा कायम किया है। पीएम मोदी बार बार यही कहते हैं कि अभी उनका लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है।
जनता भी जानती है कि देश को आगे ले जाने का जो काम वो जिस मुकाम तक ले कर आएं हैं उन्हें पूरा करने के लिए और वक्त भी देना जरुरी है। पीएम मोदी के वोटर भी जानते है कि अगले चंद साल अब तक लिए फैसलों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जरुरी है। तभी तो पूरी पार्टी लगी है एक बार फिर मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाडा़ मनाने में। ताकि नेता, कार्यकर्ता सब साथ आकर मोदी सरकार की अच्छी बाते जनता के सामने रखें। लडाई लंबी है और मुश्किल भी। लेकिन मोदी के शब्दकोष में असंभव नहीं हैं। यही बात है जिस पर भारत की जनता भरोसा करती है। ये भरोसा है कि मोदी है तो मुमकिन है।