220 लोग, 3 फर्जी कॉल सेंटर और निशाने पर अमेरिकी नागरिक! ED की रेड में सामने आया पूरा खेल, जानिए कैसे चलता था ये फेक बिजनेस मॉडल

अमेरिकी नागरिकों को फोन कर ठगी करने वाले कथित फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी की हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीम ने 15 सितंबर 2026 को पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

अपडेटेड Sep 16, 2026 पर 4:25 PM
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अमेरिकी नागरिकों को बना रहे थे शिकार, ED ने 3 फर्जी कॉल सेंटर पर मारा छापा

अमेरिकी नागरिकों को फोन कर ठगी करने वाले कथित फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी की हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीम ने 15 सितंबर 2026 को पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। शंकर आनंद की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में PMLA की धारा 17 के तहत की गई, जिसमें जांच एजेंसी को कई अहम सबूत हाथ लगे हैं।

वहीं, जांच के दौरान मिले इनपुट और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर ED को ऐसे एक ग्रुप के बारे में जानकारी मिली थी, जो अन्य लोगों के साथ मिलकर पटियाला और पुणे में कथित तौर पर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

सर्च के दौरान 3 लाइव कॉल सेंटर मिले


ED की कार्रवाई के दौरान 3 फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेशनल हालत में मिले। इनमें 2 कॉल सेंटर पटियाला में और 1 पुणे में चल रहा था।

सर्च के दौरान इन तीनों कॉल सेंटरों में करीब 220 लोग काम करते हुए मिले। अब ED इन सभी लोगों की पहचान, उनकी भूमिका और कॉल सेंटर में उनके रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर की जांच कर रही है। वहीं, तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में वर्कस्टेशन और क्यूबिकल के अलावा कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन और नेटवर्किंग से जुड़े उपकरण भी मिले हैं।

अमेरिकी नागरिकों को फोन कर ठगी का आरोप

ED के मुताबिक, इन कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों को फोन किए जाते थे और झूठे बहाने बनाकर उनसे पैसे जमा कराने के लिए कथित तौर पर प्रेरित किया जाता था। पंजाब स्थित पटियाला के ठिकानों पर चल रहे कॉल सेंटरों में अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी और उन्हें कथित तौर पर एक्सटॉर्ट करने से जुड़े सबूत मिले हैं। सर्च के दौरान बरामद मोबाइल फोन और एक लैपटॉप में सिंडिकेट के काम करने के तरीके और ठगी के शिकार लोगों से हासिल रकम के वितरण से जुड़ा डेटा मिला है।

पुणे के कॉल सेंटर में भी मिला समान तरीका

ED की जांच में पुणे स्थित कथित फर्जी कॉल सेंटर से भी अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने का इसी तरह का तरीका (modus operandi) सामने आया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पटियाला और पुणे में चल रहे इन कॉल सेंटरों के बीच आपस में क्या कनेक्शन है और इनके पीछे किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था।

चंडीगढ़ के ठिकाने से मास्टरमाइंड से जुड़े सुराग

चंडीगढ़ में जिस आवासीय परिसर की तलाशी ली गई, वह कथित तौर पर पटियाला में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों के संचालन और नियंत्रण से जुड़े मास्टरमाइंड द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां से कॉल सेंटरों के संचालन से संबंधित डेटा वाले कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए हैं। इसी परिसर से अमेरिकी डॉलर से भारतीय रुपये में कथित तौर पर अवैध कमाई को बदलने और प्रोसेस करने में शामिल एक व्यक्ति के भी काम करने की जानकारी मिली है। उसकी भूमिका और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप समेत बड़ी बरामदगी

सर्च और सीजर ऑपरेशन के दौरान ED ने बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस और अन्य सामान जब्त किया है, बरामदगी में शामिल हैं --

66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, अन्य कम्युनिकेशन उपकरण, नकदी, महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज।

कॉलिंग कैंपेन और फंड फ्लो की जांच

ED अब बरामद डिजिटल और अन्य सबूतों की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के दायरे में—

कॉलिंग कैंपेन, कॉल स्क्रिप्ट, डायलर और VoIP आधारित सिस्टम, पीड़ितों से जुड़ा डेटा, पेमेंट चैनल, कॉल सेंटर को मैनेज और कंट्रोल करने वाले लोग, कथित अपराध से पैदा हुई रकम का फ्लो शामिल हैं।

ED का कहना है कि बरामद सामग्री और डिजिटल एविडेंस की जांच से पूरे modus operandi का पता लगाने, इसमें शामिल लोगों की पहचान करने, अलग-अलग ठिकानों के बीच लिंक स्थापित करने और अपराध से अर्जित रकम को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

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