दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर बिग अपडेट, मंत्रालय को सौंपा गया DPR, सारी डिटेल जानिए

Delhi-Patna Bullet Train Corridor: भारतीय रेलवे के महत्वकांक्षी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर नेटवर्क के तहत दिल्ली-हावड़ा रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, जिससे दिल्ली से पटना की दूरी महज 5 घंटे में तय होगी। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंप दी है

अपडेटेड Sep 16, 2026 पर 2:48 PM
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Delhi-Patna Bullet Train Corridor: बताया जा रहा है कि कॉरिडोर तैयार होने के बाद दिल्ली से पटना का सफर सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होगा

Delhi-Patna Bullet Train Corridor: देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारियां तेज हो गई हैं। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंप दी है। करीब 1,557 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कॉरिडोर को दो चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है> जबकि दूसरे चरण में इसे वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक बढ़ाया जाएगा।

DPR के बाद ग्राउंड सर्वे की तैयारी तेज

DPR सौंपे जाने के बाद दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल लाइन के ग्राउंड सर्वे की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। NHSRCL ने 7 सितंबर को वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की तैनाती को लेकर अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत तीन ऑफिसर्स ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) और तीन एडिशनल जनरल मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। यह प्रक्रिया अगले 30 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। दिल्ली, नोएडा, नई दिल्ली, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना में तैनात अधिकारियों को परियोजना के जमीनी कामकाज की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी।


पहले चरण में दिल्ली से वाराणसी तक चलेगी ट्रेन

दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 813 किलोमीटर बताई गई है। दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होने वाली यह लाइन नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगी।

दूसरे चरण में वाराणसी से पटना और इसके बाद सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड रेल लाइन का विस्तार प्रस्तावित है। पूरे दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर की लंबाई करीब 1,557 किलोमीटर होगी।

इन शहरों से होकर गुजरेगा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

'दैनिक जागरण' के मुताबिक, प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी रूट में दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या के लिए लिंक लाइन, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी को जोड़े जाने की योजना है। इसके आगे वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी सेक्शन के जरिए बिहार और पश्चिम बंगाल को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।

सफर का समय होगा काफी कम

प्रस्तावित बुलेट ट्रेन से विभिन्न रूटों पर यात्रा का अनुमानित समय इस प्रकार बताया गया है:-

  • दिल्ली-वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट में पूरा होगा।
  • वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच 2 घंटे 55 मिनट में पूरा होगा।
  • पटना-सिलीगुड़ी के बीच करीब 2 घंटे लगेंगे।
  • दिल्ली-पटना के बीच 4 घंटे 41 मिनट का समय लगेगा।
  • दिल्ली-सिलीगुड़ी के बीच 6 घंटे 45 मिनट लगेगा।

इस हिसाब से दिल्ली से पटना की यात्रा करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। वहीं, दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में करीब 6 घंटे 45 मिनट लग सकते हैं।

बिहार के इन शहरों को मिलेगा फायदा

  • हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में बिहार के कई शहरों को जोड़ने की योजना है। संभावित स्टेशनों में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं।
  • बिहार में इस परियोजना के लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाए जाने की योजना है। पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 1,900 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने का प्रस्ताव है।
  • पटना जिले में बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए करीब 21 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। स्टेशन के लिए शुरुआती तौर पर फुलवारी शरीफ में AIIMS पटना के पास जमीन का निरीक्षण किया गया था।
  • इसके अलावा NHSRCL की सर्वे टीम ने बिहटा के पास एक वैकल्पिक स्थान का भी सुझाव दिया है।

जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम जारी

उत्तर प्रदेश के आगरा, प्रयागराज और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों में जमीन अधिग्रहण से जुड़े प्रस्तावों पर काम चल रहा है। बिहार में ग्राउंड सर्वे और मिट्टी की जांच का काम भी जारी है। फाइनल मंजूरी मिलने के बाद DPR को कैबिनेट के समक्ष पेश करने की तैयारी है। पिछले बजट में सरकार ने वाराणसी कॉरिडोर समेत सात बुलेट ट्रेन रूट को हाई-प्रायोरिटी प्रोजेक्ट के रूप में चिह्नित किया था।

280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

  • भारत में स्वदेशी तकनीक से बुलेट ट्रेन के कोच तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें 280 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इसके अलावा जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन के कोच 2029-30 तक भारत में आने की बात कही गई है। इनकी अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है।
  • जापान और चीन मैग्लेव ट्रेनों पर भी काम कर रहे हैं, जिनकी रफ्तार 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जाती है।
  • वहीं, रूस ने भारत को 'Ivolga' ट्रेन की आपूर्ति की पेशकश की है, जिसकी गति 360 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई है।

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