India Net Zero Portal: क्लाइमेट चेंज पर भारत का बड़ा एक्शन, अब नेट जीरो टारगेट्स की होगी सार्वजनिक निगरानी! जानें कैसे काम करेगा नया पोर्टल

India Net Zero Portal: नेट जीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक पंजीकरण और नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के डिस्क्लोजर के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसपर मौजूद संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की जानकारी दे सकती हैं। अपने नेट जीरो टारगेट्स का ऐलान करने के अलावा एनुअल रिपोर्ट अपडेट्स भी दे सकती हैं

अपडेटेड Sep 16, 2026 पर 1:59 PM
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India Net Zero Portal: बताया जा रहा है कि अब नेट जीरो टारगेट्स की सार्वजनिक निगरानी होगी

India Net Zero Portal: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व ओजोन दिवस 2026 के मौके पर मुंबई में भारत का नेट जीरो पोर्टल और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) डैशबोर्ड लॉन्च किया है। ये दोनों डिजिटल इनिशिएटिव्स देश में लिए जा रहे क्लाइमेट एक्शंस में ट्रांसपेरेंसी, कोऑर्डिनेशन के साथ इसे एविंडेस आधारित बनाने में खास भूमिका निभाएंगी।

आपको बता दें कि नेट जीरो पोर्टल अलग अलग संस्थाओं की ओर से वॉलेंट्री लिए गए नेट जीरो संकल्पों को दर्ज करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान देगा। इसके अलावा NAPCC डैशबोर्ड जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति की निगरानी करेगा।

नेट जीरो पोर्टल बताएगा कि क्लाइेट ऐक्शन में कितना हो रहा काम


नेट जीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक पंजीकरण और नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के डिस्क्लोजर के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसपर मौजूद संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की जानकारी दे सकती हैं, अपने नेट जीरो टारगेट्स का ऐलान करने के अलावा एनुअल रिपोर्ट अपडेट्स भी दे सकती हैं।

कंपनियों को अपने सीधे (Scope 1) और अप्रत्यक्ष (Scope 2) उत्सर्जन का ब्योरा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं सप्लाई चेन से जुड़े (Scope 3) उत्सर्जन की जानकारी देना पूरी तरह से उनकी मर्जी पर निर्भर होगा। कंपनियां इस पोर्टल पर यह भी बता सकती हैं कि वे नेट जीरो का लक्ष्य कैसे हासिल करेंगी। इसमें साफ-सुथरी ऊर्जा को अपनाना, ऊर्जा की बचत, नई तकनीकों का इस्तेमाल और कार्बन हटाने जैसे उपाय शामिल हैं।

जो भी कंपनियां अपने नेट जीरो लक्ष्य सफलतापूर्वक घोषित करेंगी, उन्हें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक तौर पर एकनॉलेजमेंट दिया जाएगा।

सबके लिए उपलब्ध रहेगा डेटा

कंपनियों की इन घोषणाओं को आम जनता भी देख सकेगी। इससे देश में जलवायु सुधार के लिए हो रहे कामों का एक बड़ा और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार होगा। इस पोर्टल को [https://netzeroindia.moef.gov.in/](https://netzeroindia.moef.gov.in/) पर एक्सेस किया जा सकता है।

NAPCC डैशबोर्ड: एक ही जगह दिखेगा सरकारी मिशनों का पूरा रिपोर्ट कार्ड

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना यानी NAPCC डैशबोर्ड के जरिए सरकार के अलग-अलग जलवायु मिशनों की प्रगति को एक जगह ट्रैक किया जा सकेगा। यह डैशबोर्ड जलवायु परिवर्तन से जुड़े राष्ट्रीय मिशनों के आंकड़ों को एक साथ लाएगा जिससे संबंधित मंत्रालयों और विभागों को उनकी प्रगति पर निगरानी रखना आसान हो जाएगा। इस डैशबोर्ड से अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। साथ ही यह समझने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में कितना काम हुआ है और कहां सुधार की जरूरत है. यह पहल भारत के घरेलू प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए जलवायु वादों से जोड़ने में भी मदद करेगी। इस डैशबोर्ड को  (https://napccindia.moef.gov.in/](https://napccindia.moef.gov.in/) पर देखा जा सकता है।

सरकार की इस पहल का सीधा मकसद टेक्नोलॉजी के जरिए कामकाज में पारदर्शिता लाना और देश को कम-कार्बन वाले भविष्य की ओर ले जाना है, ताकि इस बदलाव में हर किसी की भागीदारी तय की जा सके।

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