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बुलेट ट्रेन को लेकर भारत-जापान की बड़ी डील! 2027 की टाइमलाइन और 7000 किमी नेटवर्क पर काम अब दौड़ेगा

भारत-जापान वार्ता के बाद जापान ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में 2027 तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लक्ष्य के लिए पूरा सहयोग देने की पुष्टि की है। दोनों देशों ने E10 ट्रेनों, नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी एमओयू और 7000 किमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विजन पर भी सहमति जताई।

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 03, 2026 पर 12:20 PM
बुलेट ट्रेन को लेकर भारत-जापान की बड़ी डील! 2027 की टाइमलाइन और 7000 किमी नेटवर्क पर काम अब दौड़ेगा
बुलेट ट्रेन को लेकर भारत-जापान की बड़ी डील!

भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर कोलैबरेशन को बड़ा पुश देते हुए जापान ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना के प्राथमिकता वाले सेक्शन पर साल 2027 तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम साने ताकाइची के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है। इसके मुताबिक यह फ्लैगशिप बुलेट ट्रेन परियोजना दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक संयुक्त समझौते का मुख्य आधार है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस नेटवर्क में E10 ट्रेनों को शामिल करने के मील के पत्थर जैसे लक्ष्य को भी स्वीकार किया।

7000 किलोमीटर के नेशनल नेटवर्क के लिए पीएम मोदी का न्यौता

भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत के भावी हाई-स्पीड कॉरिडोर में भागीदारी के अवसर तलाशने के लिए स्पष्ट रूप से आमंत्रित किया है। इसका उद्देश्य 7000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के भारत के व्यापक विज़न को हकीकत में बदलना है। इस ट्रांजिट अलाइनमेंट को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप पर एक एमओयू साइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जापान की हाइटेक मोबिलिटी तकनीकों को भारत की बाजार क्षमता और मानव संसाधनों के साथ जोड़ना है।

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