Delhi Fire Inside Story: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए उस खौफनाक अग्निकांड की सबसे दर्दनाक खबर अब सामने आई है। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते हंसमुख परिवार के 8 लोगों की जिंदगी खत्म कर दी। अब इस परिवार के आखिरी सदस्य और विवेक अग्रवाल के पिता 75 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल का भी निधन हो गया है। उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। राधेश्याम अग्रवाल को देखने के लिए उनका पूरा परिवार मालवीय नगर के होटल में रुका था।
राधेश्याम अग्रवाल की हुई मौत
गुरुग्राम के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल के 78 वर्षीय पिता राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत काफी खराब थीष फेफड़ों में गंभीर इन्फेक्शन के कारण उन्हें चार दिन पहले ही साकेत के मैक्स अस्पताल (Max Hospital) में भर्ती कराया गया था। वहीं मालवीय नगर हादसे में राधेश्याम अग्रवाल के बेटे विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, बहू और दो पोते-पोतियों समेत परिवार के कई सदस्यों की पहले ही मौत हो चुकी थी। विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। राधेश्याम अग्रवाल को 30 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आग में घायल होने के बाद उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
मालवीय नगर हादसे में परिवार के आठ लोगों की मौत
3 जून की सुबह हौज रानी इलाके में स्थित एक अवैध बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों और रिश्तेदारों समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई। मृतकों में राधेश्याम अग्रवाल के बेटे विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तरजानी अग्रवाल, उनकी दो बेटियां जीविशा और वारिया तथा राधेश्याम की पत्नी प्रेमलता अग्रवाल शामिल थीं। इसके अलावा, विवेक अग्रवाल के मामा अशोक गोयल, जो राजस्थान के किशनगढ़ के रहने वाले थे, उनकी मौसी कमला और उनके पति भी इस हादसे में जान गंवा बैठे। इस दर्दनाक घटना में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी।
हादसे में कुल 22 लोगों की गई जान
बता दें कि, मालवीय नगर के हौजरानी में मौजूद फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में तीन जून को लगी आग में 22 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस हादसे में 11 भारतीय और 11 विदेशी नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई। होटल में लगी आग के बाद स्थिति इतनी भयावह थी कि, इस छह मंजिला इमारत में फंसे लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर नीचे कूदने लगे थे। गेस्ट हाउस से कुल 45 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से करीब 15 लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। बाहर निकाले गए 45 लोगों में से 22 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि बाकी लोग गंभीर रूप से घायल थे।