TMC में किसका कटेगा और किसे मिलेगा टिकट? चुनाव से पहले ममता-अभिषेक कर रहे कैंडिडेट लिस्ट पर मंथन

पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर लगातार बैठक कर रहे हैं। साथ ही AIPAC लीडर प्रतीक जैन भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई है

अपडेटेड Feb 20, 2026 पर 7:41 PM
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा मार्च के पहले हफ्ते में होने की संभावना जताई जा रही है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा मार्च के पहले हफ्ते में होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो, आने वाले 12 से 14 दिनों के भीतर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इसी बीच सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस अपनी उम्मीदवार सूची को अंतिम रूप देने में जुट गया है।

सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर लगातार बैठक कर रहे हैं। साथ ही AIPAC लीडर प्रतीक जैन भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई है। खबर यह भी है कि चुनावी सर्वे और डेटा के आधार पर नामों की छंटनी की जा रही है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार उम्मीदवारों की सूची में कई नए और युवा चेहरों को मौका मिल सकता है। 'यंग ब्रिगेड' को ज्यादा तवज्जो देने की बात सामने आ रही है। छात्र और युवा नेताओं में से कुछ को पहली बार विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सकता है। वहीं, जिला स्तर पर कुछ वरिष्ठ और विवादों में घिरे विधायकों का टिकट कटने की भी चर्चा है। कुछ बड़े मंत्रियों की सीट बदलने की संभावना भी जताई जा रही है।


बता दे तृणमूल की परंपरा रही है कि वह कला और मनोरंजन जगत से जुड़े चेहरों को भी चुनाव मैदान में उतारती रही है। इस बार भी एक प्रमुख गायक और हाल ही में पार्टी में शामिल हुई एक टीवी अभिनेत्री के नाम पर चर्चा चल रही है।

हालांकि, इस बार का चुनाव तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। क्योंकि, इस बार SIR प्रक्रिया के तहत नई वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। साथ ही विपक्ष घुसपैठियों के मुद्दे को ज़ोर-शोर से जनता के बीच उठा रहा है। इसी बीच TMC के कई नेता बागी हो चुके हैं। इनमें एक चर्चित नाम हुमायूं कबीर का भी है, जिन्होंने हाल ही में अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' का गठन किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार उम्मीदवार चयन में साफ छवि, जमीनी पकड़ और युवाओं की भागीदारी जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। पिछले एक साल में पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और विवादों के बाद संगठन अपनी छवि सुधारने की कोशिश में भी है।

आगामी बंगाल चुनाव को देखते हुए उम्मीदवारों की सूची बेहद अहम मानी जा रही है। यह तय करेगा कि पार्टी किस रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तृणमूल की अंतिम सूची में किन नामों को जगह मिलती है और किनका पत्ता कटता है।

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