Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी पर हमले से गरमाई बंगाल की राजनीति! ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा

Abhishek Banerjee: टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि विरोध और हमले जैसी स्थिति बनने के बाद भी अभिषेक बनर्जी पीछे नहीं हटे। पार्टी के अनुसार, वह उस परिवार के साथ खड़े रहे, जो अपने प्रियजन की मौत के बाद गहरे दुख में था। टीएमसी ने इस घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि भाजपा इन आरोपों को खारिज कर चुकी है

अपडेटेड May 30, 2026 पर 8:11 PM
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Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट और उन पर अंडे फेंके जाने का मामला सामने आया है। अभिषेक बनर्जी एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा, "जो सत्ता में हैं, वही हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।" वहीं, टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का एक वीडियो साझा किया। पार्टी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मृतक कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिवार का साथ नहीं छोड़ा।

ममता बनर्जी ने साधा निशाना 

टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि विरोध और हमले जैसी स्थिति बनने के बाद भी अभिषेक बनर्जी पीछे नहीं हटे। पार्टी के अनुसार, वह उस परिवार के साथ खड़े रहे, जो अपने प्रियजन की मौत के बाद गहरे दुख में था। टीएमसी ने इस घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि भाजपा इन आरोपों को खारिज कर चुकी है। उन्होंने आगे कहा, "यही करुणा और नफरत की राजनीति के बीच सबसे बड़ा अंतर है। आज जो कुछ हुआ, उसने एक बार फिर उस राजनीति की सच्चाई सामने ला दी है, जो डर, धमकी, हिंसा और बदले की भावना पर आधारित है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति समाज में तनाव और टकराव पैदा करती है, जबकि उनकी पार्टी लोगों के साथ खड़े रहने और उनकी समस्याओं को समझने में विश्वास रखती है।


सोनारपुर में हुआ हमला!

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को अपने दौरे के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात उस समय बिगड़ गए जब प्रदर्शन कर रही भीड़ ने उनके काफिले और आसपास पत्थर तथा अंडे फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अभिषेक बनर्जी हाल ही में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर पहुंचे थे। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।

स्थानीय पुलिस अचानक भड़के लोगों के गुस्से को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकी, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा टीम को उनकी सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर घेरा बनाना पड़ा, ताकि उन्हें किसी तरह की चोट न पहुंचे। घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने इसे एक सुनियोजित साजिश और हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पहले से तय था और इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ है। अभिषेक ने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे राजनीतिक माहौल में बढ़ती कटुता साफ दिखाई देती है।

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