Abhishek Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कथित तौर पर कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को डांटते हुए सुना गया। यह घटना उनके भतीजे और तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। बंगाल के एक BJP नेता ने एक क्लिप शेयर की है, जिसमें बनर्जी को कथित तौर पर कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल (Belle Vue Hospital in Kolkata) के CEO प्रदीप टंडन को फटकार लगाते हुए सुना जा सकता है।
वायरल वीडियो में ममता को चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, "माफ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने गलत काम किया है...। प्लीज याद रखें कि हमने आपके लिए और क्या-क्या किया है। भगवान आपको माफ नहीं करेगा। आपने गलती की है। आपको इस पर शर्म आनी चाहिए। हर कोई आपके घमंड को याद रखेगा।" पूर्व सीएम ने कथित तौर पर टंडन से आगे कहा, "आप अस्पताल चला रहे हैं। डॉक्टरों को धमका रहे हैं, क्योंकि BJP सत्ता में है। कल, अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इससे निपट लेंगे।"
क्लिप शेयर करते हुए BJP के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि उन्होंने अस्पताल अधिकारियों पर अपने भतीजे को भर्ती करने के लिए दबाव डालने की कोशिश की। जबकि उनकी रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं दिखाई दे रही थी। उन्होंने आगे कहा, "क्या यह अभिषेक बनर्जी को CID के समन से बचने की कोशिश है? जिन मरीजों को सचमुच इलाज की जरूरत है, उन्हें राजनीतिक दबाव की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए।"
लोकसभा सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को तब हमला हुआ, जब वह दक्षिण परगना के सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके। हमले के बाद बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर और अपने सहयोगियों की मदद से बड़ी मुश्किल से भीड़ के बीच से निकल सके। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर चिंता जताते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल में इलाज को लेकर सवाल उठाए। ममता ने कहा कि यदि अभिषेक को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी तो उन्हें पहले ICU में क्यों ले जाया गया। फिर दो घंटे तक निगरानी में क्यों रखा गया और कई डॉक्टरों से जांच कराने की सलाह क्यों दी गई?
ममता के अनुसार, अभिषेक को शनिवार रात करीब 8.15 बजे से रात लगभग 11 बजे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उनके चेहरे, पीठ, छाती और गर्दन पर कई चोटें पाई थीं। साथ ही हड्डी टूटने और आंतरिक चोटों की आशंका को खारिज करने के लिए जांच कराने की सलाह दी थी।
ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस को अभिषेक के दौरे की पूर्व जानकारी थी। फिर भी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज से जुड़े फैसलों पर किसी प्रकार का बाहरी दबाव नहीं होना चाहिए। यह अधिकार केवल डॉक्टरों का है। एक वायरल वीडियो में इस दौरान ममता अस्पताल प्रशासन पर गलत काम करने का आरोप लगा रही हैं। साथ ही उन्हें इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दे रही हैं।