manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! क्या मशाल रैलियों में असामाजिक तत्व ले रहे हिस्सा? पुलिस का बड़ा दावा

manipur Violence: राजधानी इम्फाल में मशाल रैली के दौरान उपद्रव मचाने वाले उपद्रवियों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अन्य की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मणिपुर पुलिस ने बताया कि 18 अप्रैल से इम्फाल-जिरीबाम सड़क पर मशाल रैली निकाली जा रही है

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 10:30 AM
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manipur Violence: रविवार (19 अप्रैल) रात को मणिपुर घाटी के अलग-अलग जिलों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए

manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर अशांति का माहौल है। रविवार (19 अप्रैल) रात को मणिपुर घाटी के अलग-अलग जिलों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने हाथ में मशाल लेकर हाल ही में हुए एक बम हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी। राजधानी इम्फाल में रैली के दौरान उपद्रव मचाने वाले उपद्रवियों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अन्य की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मणिपुर पुलिस ने बताया कि 18 अप्रैल से इम्फाल-जिरीबाम सड़क पर मशाल रैली निकाली जा रही है।

18 अप्रैल को पटसोई से सगोलबंद तक निकाली गई रैली का आयोजन विभिन्न नागरिक समाज संगठनों द्वारा किया गया था। रैली के दौरान भीड़ हिंसक हो गई। लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके, गुलेल और बड़े पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस उपद्रव में कई लोग घायल हो गए थे। इस दौरान, सुरक्षा बलों के सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी। इस हमले में सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

मशाल रैलियों में असामाजिक तत्व ले रहे हिस्सा?


मणिपुर पुलिस ने रविवार को बताया कि प्रदर्शनकारियों के वेश में कई असामाजिक तत्वों ने राज्य की राजधानी के विभिन्न इलाकों में रात के समय होने वाली मशाल रैलियों के दौरान हिंसक गतिविधियां की हैं। बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को हुए बम हमले और गेलमोल के पास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) शिविर पर हमले के बाद घाटी के पांचों जिलों में सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों के बीच कई विरोध प्रदर्शन एवं झड़पें हुई हैं।

बम हमले में दो बच्चों की मौत हुई थी। जबकि सीआरपीएफ शिविर पर हमले में तीन लोग मारे गए थे। इंफाल पश्चिम के पुलिस अधीक्षक के.एस. सिंह ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया, "पिछले कुछ दिनों से इंफाल के विभिन्न इलाकों में रात के समय मशाल रैलियां हो रही हैं। इनमें से कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों के वेश में कई असामाजिक तत्वों ने हिंसक गतिविधियां की हैं। इनमें पेट्रोल बमों का इस्तेमाल, लोहे के प्रक्षेपास्त्रों से लैस गुलेलें और सुरक्षा बलों पर पथराव शामिल है।"

इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई और सगोलबंद तथा इंफाल पूर्व जिले के खुराई में रात को मशाल रैलियां हिंसक हो गईं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

पुलिस अधीक्षक ने पीटीआई को बताया, "यह भी देखा गया है कि कई प्रदर्शनकारी शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में थे। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि कुछ उकसाने वाली इन रैलियों से पहले पेट्रोल/केरोसिन बम, गुलेल और लोहे के प्रक्षेपास्त्रों की आपूर्ति कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के साथ-साथ उकसाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जाएंगे।

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