Mathura temple: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दान पेटियों की गिनती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब मंदिर परिसर में संचालित दुकानदारों को दान पेटियों के खुलने और दान राशि की गिनती के दौरान स्वतंत्र पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में शामिल किया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने सोमवार (20 जुलाई) को बताया कि दान की गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के भीतर दुकानें संचालित करने वाले दुकानदार इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त हैं, क्योंकि वे पहले से ही पुलिस द्वारा वेरिफाइड हैं।
उन्होंने बताया कि दान राशि की गिनती मंदिर के रेड जोन में होती है, जो उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है। मंदिर परिसर में लगभग 30 दुकानें संचालित हैं। सभी दुकानदारों का पुलिस सत्यापन पहले से हो चुका है। ऐसे में उन्हें रेड जोन में एंट्री दिलाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा या कागजी औपचारिकताओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि बाहरी लोगों को पर्यवेक्षक बनाया जाता, तो उनके प्रवेश के लिए विस्तृत प्रक्रिया अपनानी पड़ती।
नई व्यवस्था के तहत हर महीने दान पेटियों की गिनती के दौरान एक या दो दुकानदार पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इसके अलावा मंदिर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत कर रहा है।
सचिव कपिल शर्मा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि दान गिनती की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी। साथ ही, मंदिर परिसर में अत्याधुनिक फीचर्स वाले नए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, ताकि निगरानी व्यवस्था और प्रभावी हो सके।
आपको बता दें कि यह फैसला हाल के दिनों में अयोध्या राम मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोप सामने आने के बाद लिया गया है। इन घटनाओं के बाद कई प्रमुख मंदिरों में दान कलेक्शन और उसकी गिनती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को विपक्ष ने सरकार के खिलाफ हथियार बना लिया है। विपक्षी दलों ने सोमवार को फैसला किया गया कि वे संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, परीक्षाओं में कथित धांधली और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेंगे और चर्चा की मांग करेंगे। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़ेगे के संसद भवन स्थित कक्ष में विपक्षी दलों के दोनों सदनों के नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सत्र के लिए रणनीति पर चर्चा की गई।