मेहसाणा नगर निगम चुनाव में एक खबर काफी चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने जिला दफ्तर में लगभग 28 साल से चपरासी का काम कर रहे रमेश भील को चुनाव लड़ने का टिकट दे दिया है। रमेश भील ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र भर दिया। अब वे वॉर्ड नंबर 13 से चुनाव लड़ेंगे।
50 साल के रमेश भील सिर्फ 10वीं पास हैं। पिछले 28 सालों से वे मेहसाणा जिला BJP ऑफिस में नियमित रूप से काम कर रहे थे। उनका मुख्य काम था- दफ्तर संभालना और आने वाले बड़े नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को चाय और पानी देना।
पार्टी ने उन्हें टिकट देकर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि BJP "कार्यकर्ता पहले" की नीति पर चलती है। स्थानीय पार्टी के लोग कहते हैं कि रमेश भील का पार्टी के प्रति लंबा वफादारी और आम कार्यकर्ताओं की जिंदगी को अच्छे से समझना ही उन्हें टिकट दिलाने की खास वजह है।
नामांकन भरने के बाद रमेश भील ने कहा, “मैंने पिछले 28 सालों तक पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी निष्ठा से सेवा की है। अब पार्टी ने मुझे अपने वॉर्ड के लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। मैं इसी ईमानदारी और मेहनत से इस नई जिम्मेदारी को निभाऊंगा।”
अब जैसे-जैसे नगर निगम का चुनाव तेज हो रहा है, रमेश भील की उम्मीदवारी पर लोगों का काफी ध्यान जा रहा है। कई स्थानीय निवासी उन्हें अपना जैसा मान रहे हैं क्योंकि वे आम आदमी की रोज की परेशानियों को अच्छे से समझते हैं।
गुजरात राज्य चुनाव आयोग ने आधिकारिक घोषणा कर दी है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होंगे। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को की जाएगी।
यह चुनाव कुल 15 नगर निगमों (Municipal Corporations), 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए कराए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने झवेरी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण लागू किया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस आरक्षण नीति पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।