मेसी GOAT इंडिया टूर 2025 के ऑर्गनाइजर सताद्रु दत्ता को मिली जमानत, फैंस के बवाल के बाद हुए थे गिरफ्तार

साल्ट लेक स्टेडियम में दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉलर की सिर्फ 22 मिनट की झलक भी न देख पाने से नाराज फैंस ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिससे कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था फैल गई. 14 साल बाद भारत लौटे मेसी अपनी ‘GOAT इंडिया टूर 2025’ के तहत देश में आए थें

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 10:16 PM
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मेसी GOAT इंडिया टूर 2025 के ऑर्गनाइजर सताद्रु दत्ता को मिली जमानत

दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के 'G.O.A.T. टूर ऑफ इंडिया' के मेन ऑर्गनाइजर और प्रमोटर सतद्रु दत्ता को 37 दिन जेल में रहने के बाद सोमवार, 19 जनवरी को बिधाननगर कोर्ट से ज़मानत मिल गई। उन्हें 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ के मामले में हिरासत में लिया गया था। कोर्ट से राहत मिलने के बाद सतद्रु दत्ता को जेल से रिहा कर दिया गया।

कोर्ट ने कही ये बात

कोर्ट ने सतद्रु दत्ता के वकील की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की जांच में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने की ज़रूरत नहीं है। इसी आधार पर उन्हें 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम ज़मानत दे दी गई। कोर्ट के बाहर दत्ता के वकील सौम्यजीत राहा ने कहा कि आखिरकार न्याय मिला है। उनका कहना था कि यह इवेंट एक प्रोफेशनल कंपनी ने सभी ज़रूरी अनुमतियों के साथ आयोजित किया था और सतद्रु दत्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।


मेसी के टूर पर हुआ था बवाल 

प्रॉसिक्यूशन ने ज़मानत का विरोध करते हुए दलील दी कि सतद्रु दत्ता जांच को प्रभावित कर सकते हैं या फरार होने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन कोर्ट ने इन आशंकाओं को मानने से इनकार कर दिया और बचाव पक्ष के तर्कों को सही माना। यह मामला लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था से जुड़ा है, जब वेन्यू पर अफरा-तफरी फैल गई थी और तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। बाद में पुलिस ने इस मामले में दत्ता समेत अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए थे।

पुलिस के अनुसार, इस इवेंट के लिए करीब 35 हजार लोगों ने टिकट खरीदे थे और इससे लगभग 19 करोड़ रुपये की टिकट बिक्री हुई थी। वहीं दत्ता के वकील का कहना है कि आयोजकों ने सभी तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया था। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद प्रशासन ने खुद मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया था।

इस पूरे विवाद के बाद बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे। आरोप लगे कि इवेंट के दौरान उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ लोगों को स्टेडियम में प्रवेश दिलाया, जबकि वह उस समय लियोनेल मेसी के साथ भी नजर आए थे। हालांकि, इन आरोपों के सामने आने के बाद अरूप बिस्वास ने जांच पूरी होने तक मंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

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