MP Building Collapses: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में शनिवार (4 अप्रैल) रात एक चार मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, सात से 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि ढही इमारत की पहचान बस स्टैंड के पास स्थित 'अग्रवाल लॉज' के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने के दौरान विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी, जिससे इलाके में धूल का गुबार छा गया।
अनूपपुर के SP मोती-उर-रहमान ने पत्रकारों को बताया कि दो व्यक्ति मृत पाए गए हैं। जबकि 7-10 अन्य लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुर्घटना को दुखद बताते हुए कहा कि अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने और राहत एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय बस स्टैंड पर यात्री मौजूद थे। वहीं, पास के एक भूखंड पर निर्माण कार्य भी चल रहा था। अनूपपुर जिलाधिकारी हर्षल पंचोली ने बताया, "5 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिसमें से 2 लोगों की मृत्यु हो गई है और 3 लोगों का इलाज चल रहा है। NDRF-SDRF की टीम और जिला प्रशासन यहां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है। अगले 2-3 घंटे में मलबे में फंसे और लोगों को रेस्क्यू करने का काम कर लिया जाएगा...जांच की जा रही है।"
वहीं, पुलिस अधीक्षक ने कहा, "इमारत करीब 10 वर्ष पुरानी थी। आसपास चल रहा निर्माण कार्य भी इस घटना का कारण हो सकता है।" अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने एसईसीएल की जमुना कोतमा इकाई और एक कोयला खनन कंपनी जेएमएस से विशेषज्ञ बचाव दलों को मौके पर बुलाया है।
उन्होंने बताया कि बचाव एवं राहत कार्य के लिए आधुनिक मशीनों को लगाया गया है। कोतमा और अनूपपुर के जिला अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा, "अनूपपुर जिले के कोतमा नगरपालिका क्षेत्र में एक होटल की इमारत का ढहना एक दुखद घटना है। नागरिक की मौत अत्यंत पीड़ादायक है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है।"
उन्होंने बताया कि प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और अन्य अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने और राहत एवं इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन नागरिकों को बचा लिया गया है। बताया जा रहा है कि कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। फिलहाल, बचाव कार्य अभी जारी है।
इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों में जुट गए। प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है। प्रशासन ने मलबे में फंसे लोगों को ढूंढकर बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने अभी तक इस घटना में फंसे या घायल हुए लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है।
नगर पालिका के मुख्य अधिकारी प्रदीप झारिया ने इस समय इस मामले पर विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी।"